सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष से लापता एक व्यक्ति के मामले में शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ है। उजाय गांव निवासी राजेंद्र यादव, जो 26 सितंबर 2025 से लापता थे, उनसे जुड़ी कई वस्तुएं और कंकाल जैसी हड्डियां चँवर से बरामद की गई हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। पूरे क्षेत्र में गहन छानबीन की गई
बताया जाता है कि शनिवार की देर संध्या कुछ ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी कि गांव के पूर्व दिशा स्थित चँवर में एक लाठी और छाता फेंका हुआ पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी दारौंदा थाना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र में गहन छानबीन की गई। तलाशी के दौरान वहां से राजेंद्र यादव का मोबाइल फोन, जेब में रखा हुआ पैसा, खैनी रखने की चुनौटी, गमछा, लाठी, कपड़े तथा कंकाल जैसी हड्डियां बरामद हुईं। एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया
सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से बरामद हड्डियों और अन्य सामानों को सावधानीपूर्वक एकत्रित किया और जांच के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद हड्डियां राजेंद्र यादव की ही हैं या नहीं। मृतक के पुत्र राजू यादव ने बताया कि उनके पिता 26 सितंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे घर से भैंस चराने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में भी पता किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अब अचानक उनके मोबाइल, लाठी, कपड़े और हड्डियां मिलने से परिवार में शोक का माहौल है। एफएसएल टीम ने सभी साक्ष्य एकत्रित किए
परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र यादव की हत्या कर शव को चँवर में फेंक दिया गया होगा। हालांकि पुलिस अभी इस मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। घटनास्थल पर पहुंचे महाराजगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष से लापता एक व्यक्ति के मामले में शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ है। उजाय गांव निवासी राजेंद्र यादव, जो 26 सितंबर 2025 से लापता थे, उनसे जुड़ी कई वस्तुएं और कंकाल जैसी हड्डियां चँवर से बरामद की गई हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। पूरे क्षेत्र में गहन छानबीन की गई
बताया जाता है कि शनिवार की देर संध्या कुछ ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी कि गांव के पूर्व दिशा स्थित चँवर में एक लाठी और छाता फेंका हुआ पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी दारौंदा थाना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र में गहन छानबीन की गई। तलाशी के दौरान वहां से राजेंद्र यादव का मोबाइल फोन, जेब में रखा हुआ पैसा, खैनी रखने की चुनौटी, गमछा, लाठी, कपड़े तथा कंकाल जैसी हड्डियां बरामद हुईं। एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया
सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से बरामद हड्डियों और अन्य सामानों को सावधानीपूर्वक एकत्रित किया और जांच के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद हड्डियां राजेंद्र यादव की ही हैं या नहीं। मृतक के पुत्र राजू यादव ने बताया कि उनके पिता 26 सितंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे घर से भैंस चराने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में भी पता किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अब अचानक उनके मोबाइल, लाठी, कपड़े और हड्डियां मिलने से परिवार में शोक का माहौल है। एफएसएल टीम ने सभी साक्ष्य एकत्रित किए
परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र यादव की हत्या कर शव को चँवर में फेंक दिया गया होगा। हालांकि पुलिस अभी इस मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। घटनास्थल पर पहुंचे महाराजगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


