संभल में मुन्नी माता मंदिर के पास खाली पड़ी सरकारी आबादी भूमि पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्व टीम सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और जमीन पर नींव की खुदाई शुरू कराई। यह घटना मल्ली सराय मोहल्ला की है, जो संभल कोतवाली क्षेत्र में आता है। कार्रवाई के दौरान निधि पटेल और क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश यादव की मौजूदगी में सरकारी भूमि को चिन्हित कर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जैसे ही जमीन की नींव की खुदाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध करने वालों में शाहनवाज संभली समेत कई लोग शामिल थे। उनका कहना था कि उनके पास इस जमीन का बैनामा है और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि आबादी में दर्ज सरकारी भूमि को चिन्हित कर उस पर कब्जा लेने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अधूरे दस्तावेज दिखाए हैं। उन्हें पूरे कागजात पेश करने के लिए अगले दिन तक का समय दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा और ऐसी भूमियों को चिन्हित कर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। वहीं शाहनवाज उस्मानी का कहना है कि यह आबादी का गाटा संख्या 153 है, जिसका रकबा करीब 25 बीघा है। उनके मुताबिक सरकारी अभिलेखों में इसे कहीं भी बंजर या सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने 1983 के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि इसमें धारा 145 दर्ज है और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनका कहना है कि जब तक जमीन का टाइटल तय नहीं हो जाता, तब तक किसी तरह का निर्माण नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इस जमीन का बैनामा है और वे एसडीएम व डीएम से मिलकर अपने कागजात पेश करेंगे। साथ ही उन्होंने लेखपाल से यह भी पूछा कि यह जमीन सरकारी संपत्ति कैसे घोषित की जा रही है।


