बच्चों को शिक्षा में एजुकेशन, पेंशन योजना की मांग:ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, 10 सूत्री मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

बच्चों को शिक्षा में एजुकेशन, पेंशन योजना की मांग:ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, 10 सूत्री मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

ड्राइवरों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले जेपी स्मारक के समीप एक विशाल शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। धरने में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन चालकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के नेता और सदस्य अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान ड्राइवरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष बोले- परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका अहम धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरेराम भाई ने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क पर जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए, ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके। ‘ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए’ ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग के गठन और ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए और स्थायी अपंगता पर 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने 60 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग की। वाहनों में आगे और पीछे कैमरा लगाने की मांग की इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने, सभी वाहनों में आगे और पीछे छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने तथा उस दिन ड्राइवरों को अवकाश देने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। धरने में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की। ड्राइवरों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले जेपी स्मारक के समीप एक विशाल शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। धरने में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन चालकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के नेता और सदस्य अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान ड्राइवरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष बोले- परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका अहम धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरेराम भाई ने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क पर जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए, ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके। ‘ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए’ ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग के गठन और ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए और स्थायी अपंगता पर 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने 60 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग की। वाहनों में आगे और पीछे कैमरा लगाने की मांग की इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने, सभी वाहनों में आगे और पीछे छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने तथा उस दिन ड्राइवरों को अवकाश देने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। धरने में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की।  

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