जमुई के सिमुलतला क्षेत्र में रविवार को श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ का शुभारंभ 11 हजार कलशों की भव्य यात्रा के साथ हुआ। हजारों युवतियों और महिलाओं ने इस छह किलोमीटर लंबी यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। यह कलश यात्रा टेलवा बाजार स्थित टीटू लाल शिव मंदिर के समीप बडुआ नदी के तट से शुरू हुई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महिलाओं ने पवित्र जल से कलश भरे और उन्हें माथे पर धारण कर यात्रा प्रारंभ की। महिलाओं की लंबी कतारें सड़कों पर गेरुआ और पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं की लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई दे रही थीं। यह यात्रा लगभग छह किलोमीटर लंबी थी, जिसमें दूर-दूर तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। इस आयोजन को श्री श्री 1008 निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज की उपस्थिति ने आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया। महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया। “जय श्री राम” तथा “हर हर महादेव” के जयघोष वाराणसी से आए डमरू दल की गूंज और “जय श्री राम” तथा “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़ों और डमरू की थाप के बीच यह यात्रा एक उत्सव का माहौल बना रही थी। भीषण गर्मी और प्रचंड धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। यात्रा मार्ग में स्थानीय युवाओं ने जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को चाय, पानी, शरबत और शीतल पेय उपलब्ध कराए। युवाओं की यह सेवा भावना आयोजन की विशेष पहचान बन गई। राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर भी देखने को मिला कलश यात्रा का असर कलश यात्रा का असर राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर भी देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, राहगीरों ने भी इस भव्य धार्मिक आयोजन को श्रद्धा के साथ देखा और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तों के जयघोष और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह भव्य कलश यात्रा श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ की शुरुआत का प्रतीक है। आगामी दिनों में चलने वाले इस महायज्ञ में देशभर से संत-महात्माओं का आगमन होगा और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण के लिए यज्ञाहुतियां दी जाएंगी। जमुई के सिमुलतला क्षेत्र में रविवार को श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ का शुभारंभ 11 हजार कलशों की भव्य यात्रा के साथ हुआ। हजारों युवतियों और महिलाओं ने इस छह किलोमीटर लंबी यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। यह कलश यात्रा टेलवा बाजार स्थित टीटू लाल शिव मंदिर के समीप बडुआ नदी के तट से शुरू हुई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महिलाओं ने पवित्र जल से कलश भरे और उन्हें माथे पर धारण कर यात्रा प्रारंभ की। महिलाओं की लंबी कतारें सड़कों पर गेरुआ और पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं की लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई दे रही थीं। यह यात्रा लगभग छह किलोमीटर लंबी थी, जिसमें दूर-दूर तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। इस आयोजन को श्री श्री 1008 निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज की उपस्थिति ने आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया। महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया। “जय श्री राम” तथा “हर हर महादेव” के जयघोष वाराणसी से आए डमरू दल की गूंज और “जय श्री राम” तथा “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़ों और डमरू की थाप के बीच यह यात्रा एक उत्सव का माहौल बना रही थी। भीषण गर्मी और प्रचंड धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। यात्रा मार्ग में स्थानीय युवाओं ने जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को चाय, पानी, शरबत और शीतल पेय उपलब्ध कराए। युवाओं की यह सेवा भावना आयोजन की विशेष पहचान बन गई। राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर भी देखने को मिला कलश यात्रा का असर कलश यात्रा का असर राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर भी देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, राहगीरों ने भी इस भव्य धार्मिक आयोजन को श्रद्धा के साथ देखा और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तों के जयघोष और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह भव्य कलश यात्रा श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ की शुरुआत का प्रतीक है। आगामी दिनों में चलने वाले इस महायज्ञ में देशभर से संत-महात्माओं का आगमन होगा और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण के लिए यज्ञाहुतियां दी जाएंगी।


