अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किशनगंज के खगड़ा स्थित खेल भवन में रविवार शाम को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज ने किया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण,सामुदायिक नेतृत्व,सामाजिक सेवा और प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली जूही दास को भी इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही ‘जीविका दीदियां’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने जोर दिया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। अपर समाहर्ता (आपदा) ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘जीविका दीदियां’ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं। वे परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा,लैंगिक समानता,महिला अधिकार,पोषण,स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास निगम की योजनाएं, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन और वन स्टॉप सेंटर शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना,आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना और सामाजिक रूप से सशक्त करना है। हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका कुमारी गुड्डी और कुमारी निधि ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रतिभागियों और सम्मानित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किशनगंज के खगड़ा स्थित खेल भवन में रविवार शाम को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज ने किया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण,सामुदायिक नेतृत्व,सामाजिक सेवा और प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली जूही दास को भी इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही ‘जीविका दीदियां’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने जोर दिया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। अपर समाहर्ता (आपदा) ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘जीविका दीदियां’ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं। वे परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा,लैंगिक समानता,महिला अधिकार,पोषण,स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास निगम की योजनाएं, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन और वन स्टॉप सेंटर शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना,आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना और सामाजिक रूप से सशक्त करना है। हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका कुमारी गुड्डी और कुमारी निधि ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रतिभागियों और सम्मानित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।


