कोटपूतली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला स्तरीय समारोह का आयोजन पंचायत समिति कोटपूतली के सभागार में किया गया। कार्यक्रम जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क और प्रतिबद्ध हैं तथा किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। बच्चियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह के दौरान बालिकाओं और महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में महिलाओं की विभिन्न भूमिकाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ सराहा। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल चिकित्सा अधिकारी रविकांत जांगिड़ ने किया। इस दौरान उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, लिंग जांच और मुखबिर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के लिए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से भी लोगों को अवगत कराया। पन्नाधाय योजना के तहत महिलाओं को मिला सम्मान महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जुगल किशोर निठारवाल ने बताया कि इस अवसर पर ‘पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना’ के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम साथिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा सहयोगिनी को सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें 11 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान किए गए। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 12 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘माता यशोदा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार के तहत कार्यकर्ताओं को 5100 रुपये और सहायिकाओं को 2100 रुपये के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मेधावी बालिकाओं को भी किया गया सम्मानित ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना’ के तहत भी कार्यक्रम में मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 10 की 10 और कक्षा 12 के तीनों संकायों की 3-3, कुल 19 छात्राओं को 5000 रुपये, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता पाठ, भाषण और ‘गुड टच बैड टच’ विषय पर जागरूकता प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें काफी सराहना मिली।


