मोतिहारी के चकिया प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांपटोला में वन विभाग के सहयोग से नेत्रिका फाउंडेशन और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि ने ‘पर्यावरण की पाठशाला सह पौधारोपण कार्यक्रम’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराना और विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशिकला ने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि वे स्वच्छ हवा प्रदान करने के साथ-साथ जीवन की कई अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अमित रंजन ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का असर नई पीढ़ी पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिससे कम उम्र में ही बच्चे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। डॉ. रंजन ने आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। बड़े पैमाने पर पौधारोपण की आवश्यकता पर बल दिया डॉ. स्नेह एस. चौरसिया ने ‘3 पी’ यानी पेड़, पानी और प्लास्टिक के विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और बाजार जाते समय कपड़े का झोला साथ रखने की सलाह दी। इसी क्रम में, सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण की आवश्यकता पर बल दिया। छात्र-छात्राओं ने रंगोली बनाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया इस अवसर पर शिक्षक शशि प्रिय रंजन ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक ध्रुव नारायण ठाकुर ने की। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगोली बनाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, जिससे बच्चों में जागरूकता का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर, अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाए। साथ ही, छात्र-छात्राओं ने एक-एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोतिहारी के चकिया प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांपटोला में वन विभाग के सहयोग से नेत्रिका फाउंडेशन और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि ने ‘पर्यावरण की पाठशाला सह पौधारोपण कार्यक्रम’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराना और विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशिकला ने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि वे स्वच्छ हवा प्रदान करने के साथ-साथ जीवन की कई अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अमित रंजन ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का असर नई पीढ़ी पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिससे कम उम्र में ही बच्चे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। डॉ. रंजन ने आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। बड़े पैमाने पर पौधारोपण की आवश्यकता पर बल दिया डॉ. स्नेह एस. चौरसिया ने ‘3 पी’ यानी पेड़, पानी और प्लास्टिक के विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और बाजार जाते समय कपड़े का झोला साथ रखने की सलाह दी। इसी क्रम में, सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण की आवश्यकता पर बल दिया। छात्र-छात्राओं ने रंगोली बनाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया इस अवसर पर शिक्षक शशि प्रिय रंजन ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक ध्रुव नारायण ठाकुर ने की। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगोली बनाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, जिससे बच्चों में जागरूकता का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर, अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाए। साथ ही, छात्र-छात्राओं ने एक-एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


