Israel Airstrikes: ईरान और इजरायल के बीच तनाव (Israel Airstrikes) अब एक विनाशकारी जंग का रूप ले चुका है। राजधानी तेहरान में भारी तबाही मचाई (Tehran Airstrikes) है। शहर के प्रमुख तेल डिपो पर हुए इन हमलों के बाद हर तरफ आग का समंदर (Iran Israel War) नजर आ रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि सड़कों पर ईंधन बहने से ‘आग की नदी’ जैसा दृश्य बन गया है। इस खौफनाक हमले में दो टैंकर चालकों समेत चार लोगों की जान चली गई है। आसमान में धुएं का गुबार इतना घना है कि दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा गया है और करज जैसे पड़ोसी इलाकों से भी आग की लपटें साफ देखी जा सकती हैं।
ईरान के अधिकारियों ने आग पर काबू पाने का दावा किया (Tehran Airstrikes)
इस हमले के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के अधिकारियों ने आग पर काबू पाने का दावा किया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि उनके ईंधन भंडार सुरक्षित हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले दिनों में और अधिक उन्नत और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे। रिवोल्युशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता का दावा है कि ईरानी सेना कम से कम 6 महीने तक इस तीव्र युद्ध को बिना रुके जारी रखने में पूरी तरह सक्षम है।
आसमान से कालिख और तेल से मिली हुई काली बारिश हो रही (Iran Israel War)
हमले के बाद तेहरान के हालात बदतर हो गए हैं। आसमान से कालिख और तेल से मिली हुई काली बारिश हो रही है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। ईंधन वितरण को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ताकि नुकसान का सही अंदाजा लगाया जा सके। 28 फरवरी से शुरू हुए इस सीधे संघर्ष में इजरायल अब तक ईरान पर करीब 3,400 से ज्यादा हमले कर चुका है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत से अब तक 1,200 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं और लगभग 10,000 लोग घायल हुए हैं।
उत्तराधिकारी चुनने वालों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा इजरायल (Oil Depot Fire)
इस हमले के पीछे का सबसे अहम पहलू राजनीतिक है। इजरायली सेना ने फारसी भाषा में सोशल मीडिया पर एक सीधा संदेश जारी कर इसे एक ‘चेतावनी’ बताया है। यह चेतावनी मुख्य रूप से ईरान की उस ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को दी गई है, जो दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का उत्तराधिकारी चुनने के लिए बैठक कर रही है। इजरायल ने साफ कहा है कि वह उत्तराधिकारी चुनने वालों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा, युद्ध की यह आंच लेबनान और खाड़ी के अन्य देशों तक भी फैल चुकी है, जहां लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं।



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