गया शहर के काशीनाथ मोड़ स्थित एक निजी होटल में आज वूमेन विंग्स ऑफ सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। संस्था की अध्यक्ष राखी कुमारी, सचिव ममता कुमारी, कोषाध्यक्ष अनुराधा बरनवाल, विशिष्ट सदस्य निर्मला देवी, रूपा अग्रवाल, सनी कुमार, सेठ भारत कुमार और अजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समाज में उनकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में नगर निगम की कई महिला वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया गया। गया शहर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ मेघा सिन्हा को भी महिला दिवस पर सम्मानित किया गया। उन्होंने दर्जनों महिलाओं को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। मेयर बोले- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं मेयर गणेश पासवान ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को याद करने का दिन है। उन्होंने महिलाओं को समाज की “आधी आबादी” बताया, जो समाज के विकास, परिवार की मजबूती और नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मेयर ने आगे कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल, प्रशासन और सेना जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने हर कठिन परिस्थिति में साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय दिया है। इसके बावजूद, आज भी कई क्षेत्रों में महिलाओं को समान अवसर और अधिकार पूरी तरह से नहीं मिल पाते हैं। शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर समाज और सरकार दोनों को मिलकर और अधिक काम करने की आवश्यकता है। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित और सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए आवश्यक है कि समाज में महिलाओं को समान अवसर प्रदान किए जाएं, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि हर दिन महिलाओं का सम्मान करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना ही सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण है। गया शहर के काशीनाथ मोड़ स्थित एक निजी होटल में आज वूमेन विंग्स ऑफ सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। संस्था की अध्यक्ष राखी कुमारी, सचिव ममता कुमारी, कोषाध्यक्ष अनुराधा बरनवाल, विशिष्ट सदस्य निर्मला देवी, रूपा अग्रवाल, सनी कुमार, सेठ भारत कुमार और अजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समाज में उनकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में नगर निगम की कई महिला वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया गया। गया शहर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ मेघा सिन्हा को भी महिला दिवस पर सम्मानित किया गया। उन्होंने दर्जनों महिलाओं को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। मेयर बोले- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं मेयर गणेश पासवान ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को याद करने का दिन है। उन्होंने महिलाओं को समाज की “आधी आबादी” बताया, जो समाज के विकास, परिवार की मजबूती और नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मेयर ने आगे कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल, प्रशासन और सेना जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने हर कठिन परिस्थिति में साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय दिया है। इसके बावजूद, आज भी कई क्षेत्रों में महिलाओं को समान अवसर और अधिकार पूरी तरह से नहीं मिल पाते हैं। शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर समाज और सरकार दोनों को मिलकर और अधिक काम करने की आवश्यकता है। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित और सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए आवश्यक है कि समाज में महिलाओं को समान अवसर प्रदान किए जाएं, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि हर दिन महिलाओं का सम्मान करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना ही सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण है।


