बिहार की अलीपुर विधानसभा सीट से विधायक और प्रख्यात लोक गायिका मैथिली ठाकुर रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर दौरे पर रहीं। यहां आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के बीच वे जयपुर के आराध्य गोविन्द देव जी मंदिर पहुंची। अजब वाक्या तब हुआ जब ‘ठाकुर जी’ के सामने मैथिली ठाकुर अचानक भावुक हो गईं और उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े।
इस वाकये का वीडियो खुद मैथिली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया और अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे मंदिर परिसर के आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें पूरी तरह से अभिभूत कर दिया।
भक्ति में डूबीं मैथिली, खुद को संभाल नहीं पाईं
मैथिली ठाकुर अपनी सादगी और सुरीली गायकी के लिए जानी जाती हैं, लेकिन गोविंद देव जी के दरबार में उनकी मौन प्रार्थना ने सबको चौंका दिया। मंदिर में चल रहे भजनों, झांझ-मंजीरों की गूंज और भक्तों की तालियों के बीच मैथिली हाथ जोड़कर बैठीं थीं और उनकी आँखों से आंसू बह रहे थे। उन्होंने काफी देर तक ठाकुर जी की छवि को निहारा और भाव-विभोर नजर आईं।
‘मन का बोझ हो गया हल्का’
दर्शन के बाद मैथिली ठाकुर ने इस अनूठे अनुभव का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया। उन्होंने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए लिखा, “आज तक मैंने ऐसा कभी महसूस नहीं किया था। लेकिन जब मैं गोविंद देव जी मंदिर, जयपुर में दर्शन के लिए पहुँची, तो वहाँ का वातावरण, भक्तों के भजन, घंटियों और तालियों की गूंज ने मन को इतना छू लिया कि मैं खुद को संभाल नहीं पाई। आँखों से आँसू बहते रहें, ऐसा लगा जैसे मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो।”
वीडियो में देखें, कैसे भावुक हुईं मैथिली
जयपुर का गोविंद देव जी मंदिर
जयपुर के पूर्व राजपरिवार के आराध्य और शहर के संरक्षक माने जाने वाले गोविंद देव जी के प्रति जयपुरवासियों की अटूट श्रद्धा है। यहाँ की ‘सत्संग’ परंपरा और झांकी के दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। मैथिली ठाकुर ने भी स्वीकार किया कि यहाँ की सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक वातावरण ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
महिला दिवस पर जयपुर दौरा
बता दें कि मैथिली ठाकुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने जयपुर आई हुई हैं। बिहार के अलीपुर से विधायक होने के नाते वह राजनीति और कला के क्षेत्र में एक सशक्त महिला आइकन के रूप में उभर रही हैं। जयपुर की धरती पर उनकी इस ‘आध्यात्मिक यात्रा’ ने उनके प्रशंसकों को एक नया रूप दिखाया है।


