रीवा में संघ से जुड़े कार्यकर्ता ने 52 साल की उम्र में शादी रचाई है। शहर से सटे ग्राम पंचायत दुआरी में इन दिनों एक अनोखी शादी लोगों के बीच चटखारों के साथ चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के निवासी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ता राज नारायण शुक्ला ने 52 वर्ष की उम्र में आखिरकार शादी रचा ली। इसके पहले उन्होंने अविवाहित रहने का प्रण लिया था। दिलचस्प बात यह रही कि इस शादी में न तो कोई निमंत्रण कार्ड छपा और न ही भव्य इंतजाम किए गए, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में लोग दूल्हे को देखने और आशीर्वाद देने पहुंच गए। राज नारायण शुक्ला ने अपने ही घर से करीब 500 मीटर दूर बेहद सादगी से विवाह किया। गांव वालों का कहना है कि “इतने साल तक कुंवारे रहे, इसलिए जब शादी की खबर फैली तो लोग खुद ही देखने पहुंच गए कि आखिर दूल्हा बनकर शुक्ला जी कैसे लग रहे हैं।” शादी के बाद अब गांव-मोहल्लों में इसी बात की चर्चा है कि संघ का यह कार्यकर्ता आखिरकार जीवन के “गृहस्थ आश्रम” में प्रवेश कर गया। कई लोग इसे सादगी भरी शादी का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ लोग मजाक में कह रहे हैं कि “इतने साल इंतजार के बाद बारात छोटी ही सही, लेकिन चर्चा बड़ी हो गई।” दूल्हे राज नारायण शुक्ला के मुताबिक कुछ समय पहले हुए एक एक्सीडेंट के बाद उन्हें गृहस्थ जीवन का महत्व समझ में आया। इसी के बाद उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। खुद राज नारायण शुक्ला और उनकी पत्नी का कहना है कि उन्होंने दिखावे और फिजूल खर्च से दूर रहकर सादगी से विवाह करने का फैसला किया, इसलिए किसी तरह का कार्ड या तामझाम नहीं रखा गया। फिलहाल दुआरी गांव में यह शादी सिर्फ एक विवाह नहीं, बल्कि गपशप और मुस्कुराहट का नया विषय बन गई है।


