कोटा में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से आज राज्य आपदा प्रतिसाद बल (SDRF) बी कम्पनी द्वारा चंबल नदी के नाव घाट पर फ्लड मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास द्वितीय बटालियन RAC परिसर के पास आयोजित हुआ, जिसमें एसडीआरएफ के जवानों ने बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। इस दौरान SDRF जयपुर के कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके कोटा आगमन पर प्लाटून कमांडर रोशन लाल के नेतृत्व में जवानों ने उनका स्वागत किया। मॉक ड्रिल में जवानों ने मोटर बोट, रिमोट कंट्रोल लाइफ ब्वॉय और स्कूबा सेट सहित आपदा से जुड़े आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, नाव के जरिए बचाव अभियान चलाने और आपदा के समय राहत कार्य कैसे किए जाते हैं, इसका लाइव डेमो दिया गया। खास बात यह रही कि इस मॉक ड्रिल में महिला जवानों की भी सक्रिय भागीदारी रही और उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने जवानों की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी होती है। उन्होंने जवानों को हर स्थिति में सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान जवानों के साथ संपर्क सभा भी आयोजित की गई, जिसमें उनकी सामूहिक और व्यक्तिगत समस्याओं पर चर्चा कर समाधान के सुझाव दिए गए। इसके बाद कमांडेंट ने कंपनी मैस, स्टोर और कार्यालय का निरीक्षण किया। अंत में कंपनी परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।


