Donald Trump on India buying Russian oil: इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किया जा रहा है। वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर हमला कर रहा है। इसी बीच वैश्विक तेल बाजार में बढ़ते दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी है। अब इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह कदम सिर्फ तेल बाजार पर पड़ रहे दबाव को थोड़ा कम करने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी जा रही है ताकि वे रूस से तेल खरीदना जारी रख सकें। उन्होंने साफ किया कि इससे रूस को बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह छूट केवल उस तेल के लेनदेन के लिए है जो पहले से समुद्र में जहाजों पर मौजूद है।
ट्रंप ने क्या कहा?
पत्रकारों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब भारत को दी गई इस छूट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि अगर इससे तेल बाजार का थोड़ा दबाव कम होता है तो मैं ऐसा करूंगा। हमारे पास बहुत तेल है; हमारे देश में तेल की कोई कमी नहीं है।
ट्रंप ने अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही इन भंडारों को मजबूत किया था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडेन ने चुनावी फायदे के लिए इन भंडारों का इस्तेमाल किया था।
हमें किसी से अनुमति की जरूरत नहीं-भारत
अमेरिका की घोषणा के बाद भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए किसी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कदम सिर्फ लेनदेन में आ रही रुकावट को कम करता है, लेकिन इससे भारत की ऊर्जा नीति तय नहीं होती।
अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी आपत्तियों और प्रतिबंधों के बावजूद रूस से भारत में तेल की आपूर्ति जारी रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और देश के हित में ही फैसले लिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 सालों में देश के किसी पेट्रोल पंप पर तेल की कमी नहीं हुई है। जिसे कुछ लोग संकट बता रहे हैं, वह दरअसल हमारी तैयारी और मजबूत ऊर्जा प्रबंधन का प्रमाण है।


