Iran Israel War: अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। युद्ध का आज 9वां दिन है। दोनों ओर से भारी हमले किए जा रहे हैं। इजरायल ने कुछ देर पहले ईरान के सरकारी ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। कई सरकारी इमारतों को मिसाइल अटैक करके तबाह कर दिया गया है, जबकि ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी भीषण बमबारी की है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तेहरान के आसपास के कई फ्यूल डिपो और तेल भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
पेजेश्कियन बोले- दुश्मन को देंगे करारा जवाब
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि हम दुश्मन को करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हम सरेंडर नहीं करेंगे। वहीं, उनके माफी वाले पोस्ट पर भी ईरान की इस्लामिक रीजिम में दो फाड़ की स्थिति देखने को मिली थी। दरअसल, बीते शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा था कि ईरान अब उन पर (पश्चिम एशिया के देशों) हमले नहीं करेगा, जब तक कि उनके क्षेत्र से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। पजिश्कियन ने कहा कि हम किसी को ईरान की एक इंच जमीन नहीं लेने देंगे।
ईरान पूरा आत्मसमर्पण कर दे
ट्रंप ने इसे अमेरिका-इजरायल के दबाव का नतीजा बताते हुए दावा किया कि ईरान ने पड़ोसियों से माफी मांगी और हमले बंद करने का वादा किया है। यह संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से तीव्र हमले जारी हैं। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि हम चाहते हैं कि ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान अब लड़ाई जारी रखने की स्थिति में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि या तो ईरान खुद सरेंडर करे या उसकी सैन्य क्षमता इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह आगे लड़ने लायक न बचे।
ईरानी सेना को अमेरिका की कड़ी चेतावनी
ईरानी सेना ने शनिवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही ऑयल टैंकरों की सुरक्षा के लिए फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में जहाज तैनात कर सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में 6,668 सिविलियन इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें 5,535 घर और 1,041 दुकानें प्रभावित हुईं। इसके अलावा 14 मेडिकल सेंटर्स, 65 स्कूल और रेड क्रिसेंट के 13 केंद्र भी हमलों का शिकार बने। कुल मिलाकर इस जंग में 1,483 मौतें हो चुकी हैं। इजरायल की ओर से 1,765 लोग घायल हुए हैं।


