लखनऊ नेशनल पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने मोती महल मेमोरियल सोसाइटी के सहयोग से सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया। यह शिविर शनिवार को मोती महल लॉन में शुरू हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी के महामंत्री राजेश सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर देवेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।शिविर की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। सामाजिक जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक एनएसएस स्वयंसेवकों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए और सामाजिक जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने सराहा।इस अवसर पर “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट”, “रोड सेफ्टी” और “नुक्कड़ नाटक” प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर देवेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि इसके जरिए छात्र-छात्राओं को समाज के बीच जाकर काम करने और समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।प्रोफेसर सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। समाज से जुड़कर काम करने की प्रेरणा मुख्य अतिथि प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार ने कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त मंच है। उन्होंने जोर दिया कि इससे छात्र-छात्राओं में समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना विकसित होती है।विशिष्ट अतिथि राजेश सिंह ने एनएसएस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। कार्यक्रम अधिकारी प्रो. पी.के. सिंह, डॉ. अर्चना सिंह और डॉ. कीर्ति श्रीवास्तव ने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सेवा भावना, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसका लक्ष्य उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।


