शहीद पिता को निहारती रही 11 साल की बेटी:घर पहुंचा तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर; झारखंड में नक्सल ऑपरेशन में बेगूसराय का जवान शहीद

शहीद पिता को निहारती रही 11 साल की बेटी:घर पहुंचा तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर; झारखंड में नक्सल ऑपरेशन में बेगूसराय का जवान शहीद

बेगूसराय के रहने वाले IRB (इंडियन रिजर्व बटालियन) जवान मुरारी कुमार (38) झारखंड में शहीद हो गए। मुरारी नक्सल ऑपरेशन में शामिल थे। शनिवार देर रात पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जवान की पार्थिव देर जब घर पहुंची तो शहीद मुरारी अमर रहे के नारे लगे। जवान की 11 साल की बेटी और 5 साल का बेटा तिरंगे में लिपटे पिता को एकटक निहारते रहे। थोड़ी देर में अंतिम संस्कार सिमरिया गंगा तट पर होगा। जवान के घर से आई कुछ तस्वीरें… 2012 में नौकरी जॉइन की थी नौकरी शहीद जवान चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के श्रीपुर पंचायत के रहने वाले थे। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटी आरोही (11) और बेटा विवेक (5) है। शहादत की खबर सुनने के बाद पत्नी बेसुध हैं। बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। पिता प्रदुमन चौधरी उर्फ बरेलाल वर्तमान में उप मुखिया हैं। फिलहाल कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुरारी कुमार IRB के जवान थे। 2012 में नौकरी जॉइन की थी। अभी उनकी पोस्टिंग झारखंड के गुमला में थी। तीन दिन से परिजनों से फोन पर बात नहीं हुई थी। पत्नी बोली- अधिकारियों ने हमें कुछ नहीं बताया जवान की पत्नी नंदिनी देवी ने बताया कि, घटना कैसे हुआ मुझे इसके बारे में कुछ पता नहीं है। हर दिन फोन पर बातचीत होती थी, लास्ट 2 मार्च को बात हुई थी। 3 मार्च से उनकी तबीयत खराब होनी लगी। उसी दिन फोन पर सिर्फ बच्चों से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि मेरी तबीयत खराब है। इसके बाद फोन कट कर दिए। दूसरे दिन काफी ट्राय किया, लेकिन फोन बंद था। इसके बाद मैंने अपने पापा को बोला। उन्होंने गुमला फोन किया। वहां से बताया गया कि उनकी तबीयत खराब है। दूसरे अस्पताल में दिखाने ले जा रहे हैं। इसी बीच रास्ते में उनको हार्ट अटैक आ गया। अधिकारियों ने कुछ नहीं बताया। उनको कभी किसी से विवाद नहीं हुआ। हमेश सब के साथ प्रेम से रहते थे। पिता बोले- उसके दोस्त ने कहा था रांची में इलाज चल रहा है मुरारी के पिता प्रदुम्न चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मुरारी की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी, जिससे परिवार चिंतित था। अंतिम बार फोन पर बातचीत होने के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद मुरारी के दोस्त रोहित कुमार से संपर्क किया गया। रोहित ने बताया कि मुरारी को इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा है। रांची में इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। बाद में अधिकारियों से संपर्क करने और दबाव बनाने के बाद परिजनों को उनके शहीद होने की जानकारी दी गई। मुरारी चौधरी अपने पीछे पत्नी नंदिनी देवी के साथ एक बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। ममेरे भाई सत्यम चंद्र ने बताया कि हम लोगों को 6 तारीख को पता चला कि इनका तबीयत खराब है। छोटे भाई गुमला जाने की तैयारी में थे। दो-तीन घंटे बाद पता चला कि निधन हो गया। यूनिट से बताया कि लगातार दस्त हुआ, पानी की कमी से मौत हुई है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे जानकारी के मुताबिक मुरारी कुमार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे। केंद्र सरकार की ओर से नक्सलियों के खात्मे को लेकर 31 मार्च तक दिए गए अल्टीमेटम को लेकर झारखंड के सारंडा और कोलबोंगा सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है। बचे हुए नक्सलियों के खात्मे को लेकर ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। ऑपरेशन में 4 हजार से ज्यादा जवान शामिल नक्सलियों के खिलाफ इस समय सारंडा जंगल में चार हजार जवान ऑपरेशन में लगे हैं। इसी दौरान शनिवार सुबह नक्सलियों और सुरक्षाबलो के बीच हुई मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। इसी दौरान मुरारी कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई, साथी जवानों ने तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। बेगूसराय के रहने वाले IRB (इंडियन रिजर्व बटालियन) जवान मुरारी कुमार (38) झारखंड में शहीद हो गए। मुरारी नक्सल ऑपरेशन में शामिल थे। शनिवार देर रात पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जवान की पार्थिव देर जब घर पहुंची तो शहीद मुरारी अमर रहे के नारे लगे। जवान की 11 साल की बेटी और 5 साल का बेटा तिरंगे में लिपटे पिता को एकटक निहारते रहे। थोड़ी देर में अंतिम संस्कार सिमरिया गंगा तट पर होगा। जवान के घर से आई कुछ तस्वीरें… 2012 में नौकरी जॉइन की थी नौकरी शहीद जवान चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के श्रीपुर पंचायत के रहने वाले थे। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटी आरोही (11) और बेटा विवेक (5) है। शहादत की खबर सुनने के बाद पत्नी बेसुध हैं। बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। पिता प्रदुमन चौधरी उर्फ बरेलाल वर्तमान में उप मुखिया हैं। फिलहाल कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुरारी कुमार IRB के जवान थे। 2012 में नौकरी जॉइन की थी। अभी उनकी पोस्टिंग झारखंड के गुमला में थी। तीन दिन से परिजनों से फोन पर बात नहीं हुई थी। पत्नी बोली- अधिकारियों ने हमें कुछ नहीं बताया जवान की पत्नी नंदिनी देवी ने बताया कि, घटना कैसे हुआ मुझे इसके बारे में कुछ पता नहीं है। हर दिन फोन पर बातचीत होती थी, लास्ट 2 मार्च को बात हुई थी। 3 मार्च से उनकी तबीयत खराब होनी लगी। उसी दिन फोन पर सिर्फ बच्चों से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि मेरी तबीयत खराब है। इसके बाद फोन कट कर दिए। दूसरे दिन काफी ट्राय किया, लेकिन फोन बंद था। इसके बाद मैंने अपने पापा को बोला। उन्होंने गुमला फोन किया। वहां से बताया गया कि उनकी तबीयत खराब है। दूसरे अस्पताल में दिखाने ले जा रहे हैं। इसी बीच रास्ते में उनको हार्ट अटैक आ गया। अधिकारियों ने कुछ नहीं बताया। उनको कभी किसी से विवाद नहीं हुआ। हमेश सब के साथ प्रेम से रहते थे। पिता बोले- उसके दोस्त ने कहा था रांची में इलाज चल रहा है मुरारी के पिता प्रदुम्न चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मुरारी की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी, जिससे परिवार चिंतित था। अंतिम बार फोन पर बातचीत होने के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद मुरारी के दोस्त रोहित कुमार से संपर्क किया गया। रोहित ने बताया कि मुरारी को इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा है। रांची में इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। बाद में अधिकारियों से संपर्क करने और दबाव बनाने के बाद परिजनों को उनके शहीद होने की जानकारी दी गई। मुरारी चौधरी अपने पीछे पत्नी नंदिनी देवी के साथ एक बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। ममेरे भाई सत्यम चंद्र ने बताया कि हम लोगों को 6 तारीख को पता चला कि इनका तबीयत खराब है। छोटे भाई गुमला जाने की तैयारी में थे। दो-तीन घंटे बाद पता चला कि निधन हो गया। यूनिट से बताया कि लगातार दस्त हुआ, पानी की कमी से मौत हुई है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे जानकारी के मुताबिक मुरारी कुमार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे। केंद्र सरकार की ओर से नक्सलियों के खात्मे को लेकर 31 मार्च तक दिए गए अल्टीमेटम को लेकर झारखंड के सारंडा और कोलबोंगा सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है। बचे हुए नक्सलियों के खात्मे को लेकर ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। ऑपरेशन में 4 हजार से ज्यादा जवान शामिल नक्सलियों के खिलाफ इस समय सारंडा जंगल में चार हजार जवान ऑपरेशन में लगे हैं। इसी दौरान शनिवार सुबह नक्सलियों और सुरक्षाबलो के बीच हुई मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। इसी दौरान मुरारी कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई, साथी जवानों ने तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।  

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