पाकुड़-दुमका सीमा पर गुम्मा मोड़ के पास रविवार को बालू से लदा एक ट्रक अचानक पलट गया। हालांकि इस दुर्घटना में ट्रक के चालक और उपचालक बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौके पर जमा हो गई। जानकारी के अनुसार ट्रक दुमका जिले की एक नदी से बालू लोड कर पश्चिम बंगाल के धूलियान जा रहा था। यह वाहन दुमका से काठीकुंड होते हुए पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान गुम्मा मोड़ के पास अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की काफी कोशिश की, लेकिन ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। चालक-उपचालक ने कूदकर बचाई जान दुर्घटना के बाद ट्रक के चालक और उपचालक ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पश्चिम बंगाल के दोगांछी निवासी चालक मोहम्मद जियाउल ने बताया कि जब ट्रक का ब्रेक अचानक फेल हो गया तो उन्होंने उसे रोकने की पूरी कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने और उपचालक ने तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। चालक ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने ट्रक मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दे दी। उन्होंने बताया कि ट्रक में लदा बालू दुमका जिले से लोड किया गया था और इसे अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और पाकुड़ होते हुए पश्चिम बंगाल के धूलियान पहुंचाया जाना था। हादसे में वाहन को काफी नुकसान हुआ है। ओवरलोड वाहनों की जांच की उठी मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर चलने वाले बालू लदे वाहनों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से अक्सर बालू से लदे ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि बालू दुमका से लोड किया जाता है, लेकिन उसका चालान गुम्मा मोड़ के पास दिया जाता है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने दुमका और पाकुड़ प्रशासन से इस मामले पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाए तो ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सकती है और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। पाकुड़-दुमका सीमा पर गुम्मा मोड़ के पास रविवार को बालू से लदा एक ट्रक अचानक पलट गया। हालांकि इस दुर्घटना में ट्रक के चालक और उपचालक बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौके पर जमा हो गई। जानकारी के अनुसार ट्रक दुमका जिले की एक नदी से बालू लोड कर पश्चिम बंगाल के धूलियान जा रहा था। यह वाहन दुमका से काठीकुंड होते हुए पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान गुम्मा मोड़ के पास अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की काफी कोशिश की, लेकिन ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। चालक-उपचालक ने कूदकर बचाई जान दुर्घटना के बाद ट्रक के चालक और उपचालक ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पश्चिम बंगाल के दोगांछी निवासी चालक मोहम्मद जियाउल ने बताया कि जब ट्रक का ब्रेक अचानक फेल हो गया तो उन्होंने उसे रोकने की पूरी कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने और उपचालक ने तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। चालक ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने ट्रक मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दे दी। उन्होंने बताया कि ट्रक में लदा बालू दुमका जिले से लोड किया गया था और इसे अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और पाकुड़ होते हुए पश्चिम बंगाल के धूलियान पहुंचाया जाना था। हादसे में वाहन को काफी नुकसान हुआ है। ओवरलोड वाहनों की जांच की उठी मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर चलने वाले बालू लदे वाहनों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से अक्सर बालू से लदे ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि बालू दुमका से लोड किया जाता है, लेकिन उसका चालान गुम्मा मोड़ के पास दिया जाता है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने दुमका और पाकुड़ प्रशासन से इस मामले पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाए तो ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सकती है और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।


