पटना जू एक हफ्ते की बंदी के बाद आज खोल दिया गया है। आज से पर्यटकों को जू में एंट्री मिलेगी। बीते दिनों बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए 7 मार्च तक पटना जू को बंद कर दिया गया था। विशेषज्ञों के लिए गए सैंपल में एवियन इंफ्लुएंजा (H5N1) की पुष्टि नहीं होने के बाद आज से पर्यटकों के लिए पटना जू को फिर खोल दिया गया है। इस दौरान पर्यटकों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को सैनिटाइज करने के बाद ही एंट्री दी जाएगी। सभी पक्षियों के केज में ग्रीन नेट लगाया गया है। पर्यटक 10 फीट की दूरी से ही जानवरों या पक्षियों को देख सकते हैं। डिसइंफेक्शन के काम चलते रहेंगे जू प्रशासन ने कहा कि जिला पशुपालन पदाधिकारी की ओर से सूचित किया गया है कि एक सप्ताह से इंफेक्टेड जोन के किए जा रहे सर्विलांस के दौरान वर्तमान में कहीं से भी एवियन इंफ्लुएंजा की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पटना जू पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से पटना जू में भारत सरकार द्वारा निर्गत SOP के अनुसार सभी आवश्यक एहतियातन कदम और डिसइंफेक्शन के काम चलते रहेंगे। जानवरों और पक्षियों के केज के आसपास दो बार केमिकल्स का छिड़काव किया जा रहा है। पटना जू के जांच सैंपल में एवियन इन्फ्लूएंजा निगेटिव आई पटना जू के जांच सैंपल भोपाल स्थित राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान और रोग सूचना विज्ञान संस्थान की लैब में भेजा गया था। रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा निगेटिव आई है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के गाइडलाइंस के अनुसार बर्ड फ्लू के सैंपल पाए जाने के कारण 1 किलोमीटर वाले एरिया में सभी चीजों को बंद करने का निर्देश दिया गया था। कौशल नगर के एक पॉल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद चिड़ियाघर को बंद किया गया था। एक जानवर के केज से दूसरे में जाकर नहीं काम कर सकते कर्मचारी बर्ड फ्लू को लेकर पटना जू के कर्मचारियों को खास निर्देश दिए गए हैं कि एक जानवर के केज में काम करने वाले कर्मी दूसरे जानवर के केज में काम नहीं करेंगे। खासकर पक्षी के बाड़े में काम करने वाले कर्मचारी उसी खास पक्षी की ही देखभाल करेंगे, ताकि किसी तरह का इन्फेक्शन ना फैले। सभी पक्षियों के केज में ग्रीन नेट लगाया गया है। उसके अंदर जो भी जाएगा, अपने आप को पूरी तरह से गाइडलाइंस के अनुसार तैयार करके जाएगा। सभी कर्मियों को मास्क उपलब्ध कराया गया है। बाड़ों से बाहर निकलने के बाद कर्मियों को खुद को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। पक्षियों के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी हो रही है। मेन गेट पर पोटाशियम परमैगनेट से फूट वॉश अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि संक्रमण अंदर न आ सके। पटना जू एक हफ्ते की बंदी के बाद आज खोल दिया गया है। आज से पर्यटकों को जू में एंट्री मिलेगी। बीते दिनों बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए 7 मार्च तक पटना जू को बंद कर दिया गया था। विशेषज्ञों के लिए गए सैंपल में एवियन इंफ्लुएंजा (H5N1) की पुष्टि नहीं होने के बाद आज से पर्यटकों के लिए पटना जू को फिर खोल दिया गया है। इस दौरान पर्यटकों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को सैनिटाइज करने के बाद ही एंट्री दी जाएगी। सभी पक्षियों के केज में ग्रीन नेट लगाया गया है। पर्यटक 10 फीट की दूरी से ही जानवरों या पक्षियों को देख सकते हैं। डिसइंफेक्शन के काम चलते रहेंगे जू प्रशासन ने कहा कि जिला पशुपालन पदाधिकारी की ओर से सूचित किया गया है कि एक सप्ताह से इंफेक्टेड जोन के किए जा रहे सर्विलांस के दौरान वर्तमान में कहीं से भी एवियन इंफ्लुएंजा की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पटना जू पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से पटना जू में भारत सरकार द्वारा निर्गत SOP के अनुसार सभी आवश्यक एहतियातन कदम और डिसइंफेक्शन के काम चलते रहेंगे। जानवरों और पक्षियों के केज के आसपास दो बार केमिकल्स का छिड़काव किया जा रहा है। पटना जू के जांच सैंपल में एवियन इन्फ्लूएंजा निगेटिव आई पटना जू के जांच सैंपल भोपाल स्थित राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान और रोग सूचना विज्ञान संस्थान की लैब में भेजा गया था। रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा निगेटिव आई है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के गाइडलाइंस के अनुसार बर्ड फ्लू के सैंपल पाए जाने के कारण 1 किलोमीटर वाले एरिया में सभी चीजों को बंद करने का निर्देश दिया गया था। कौशल नगर के एक पॉल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद चिड़ियाघर को बंद किया गया था। एक जानवर के केज से दूसरे में जाकर नहीं काम कर सकते कर्मचारी बर्ड फ्लू को लेकर पटना जू के कर्मचारियों को खास निर्देश दिए गए हैं कि एक जानवर के केज में काम करने वाले कर्मी दूसरे जानवर के केज में काम नहीं करेंगे। खासकर पक्षी के बाड़े में काम करने वाले कर्मचारी उसी खास पक्षी की ही देखभाल करेंगे, ताकि किसी तरह का इन्फेक्शन ना फैले। सभी पक्षियों के केज में ग्रीन नेट लगाया गया है। उसके अंदर जो भी जाएगा, अपने आप को पूरी तरह से गाइडलाइंस के अनुसार तैयार करके जाएगा। सभी कर्मियों को मास्क उपलब्ध कराया गया है। बाड़ों से बाहर निकलने के बाद कर्मियों को खुद को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। पक्षियों के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी हो रही है। मेन गेट पर पोटाशियम परमैगनेट से फूट वॉश अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि संक्रमण अंदर न आ सके।


