केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तीखा हमला बोला है। बेगूसराय के मंझौल में चल रहे वॉलीबॉल चैंपियनशिप में पहुंचे गिरिराज सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आरजेडी की सहानुभूति केवल घड़ियाली आंसू है। उन्होंने जिले के युवाओं के लिए खेल जगत से जुड़ी बड़ी घोषणाएं भी की। गिरिराज सिंह ने कहा है कि अभी कुछ लोग घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। कल तक राबड़ी देवी और उनके बेटे नीतीश कुमार को क्या-क्या नहीं कह रहे थे। कोई उन्हें मानसिक रूप से बीमार बता रहा था, तो कोई कह रहा था कि उनकी याददाश्त चली गई है। आज जब वे साथ नहीं हैं, तो राबड़ी देवी जी और उनके परिवार को बड़ी चिंता सता रही है। किसी के भी संवेदना की जरूरत नहीं नीतीश कुमार कल भी मुख्यमंत्री थे और आज भी मुख्यमंत्री हैं। किसी के भी संवेदना की जरूरत नहीं है, चाहे संवेदना व्यक्त करने वाली राबड़ी देवी ही क्यों न हो। नीतीश कुमार मजबूत नेता हैं और उन्हें किसी की झूठी सहानुभूति की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह नीतीश कुमार पर छोड़ दिया गया है, वही मुख्यमंत्री का चयन करेंगे सरकार भी उन्हीं के सानिध्य में चलेगा। गिरिराज सिंह ने राबड़ी देवी के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार की सेहत और राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई थी। मंत्री ने कहा कि जब नीतीश कुमार उनके साथ (महागठबंधन में) थे, तब अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया। अब जब वे एनडीए के साथ विकास की राह पर हैं, तो विपक्ष को उनकी चिंता सता रही है, जो केवल एक राजनीतिक स्टंट है। उन्होंने कहा कि मंझौल का यह शताब्दी मैदान खेलकूद को जीवित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। शताब्दी मैदान ने स्टेट लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक के कई खिलाड़ियों को पैदा किया है। सरकार ने कहा है मेडल लाओ नौकरी पाओ। उम्मीद है कि बेगूसराय में इंडोर स्टेडियम का उद्घाटन मई में हो जाएगा। गिरिराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट के कोच आसानी से मिल जाते हैं। वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए ऑल इंडिया फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और ओलंपिक इंडिया चैप्टर के महासचिव कल्याण चौबे से बात हुई है। उन्हें कहा है कि बेगूसराय में वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल को कैसे स्थापित किया जाए। बेगूसराय के डीएम से भी बात हुई है कि कहा है कि पूरे बेगूसराय जिला के हर स्कूल की एक मैपिंग करें कि कितना बड़ा ग्राउंड है। सभी को मैपिंग करके एक बेहतर खेल का वातावरण तैयार किया जाएगा। बेगूसराय में वॉलीबॉल का सेंटर अगर नहीं होगा, तो आखिर कहां होगा। बेगूसराय की मिट्टी में वॉलीबॉल आज से नहीं सालों से है। इस दौरान गिरिराज सिंह ने मंझौल के शहीद अमरेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेगूसराय की धरती वीरों की है। शहीद अमरेश का बलिदान युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद अमरेश की वीरता पर पूरे बेगूसराय को गर्व है। उन्होंने कहा कि शहीद भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनके आदर्श हमें हमेशा गौरवांवित करेंगे। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तीखा हमला बोला है। बेगूसराय के मंझौल में चल रहे वॉलीबॉल चैंपियनशिप में पहुंचे गिरिराज सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आरजेडी की सहानुभूति केवल घड़ियाली आंसू है। उन्होंने जिले के युवाओं के लिए खेल जगत से जुड़ी बड़ी घोषणाएं भी की। गिरिराज सिंह ने कहा है कि अभी कुछ लोग घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। कल तक राबड़ी देवी और उनके बेटे नीतीश कुमार को क्या-क्या नहीं कह रहे थे। कोई उन्हें मानसिक रूप से बीमार बता रहा था, तो कोई कह रहा था कि उनकी याददाश्त चली गई है। आज जब वे साथ नहीं हैं, तो राबड़ी देवी जी और उनके परिवार को बड़ी चिंता सता रही है। किसी के भी संवेदना की जरूरत नहीं नीतीश कुमार कल भी मुख्यमंत्री थे और आज भी मुख्यमंत्री हैं। किसी के भी संवेदना की जरूरत नहीं है, चाहे संवेदना व्यक्त करने वाली राबड़ी देवी ही क्यों न हो। नीतीश कुमार मजबूत नेता हैं और उन्हें किसी की झूठी सहानुभूति की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह नीतीश कुमार पर छोड़ दिया गया है, वही मुख्यमंत्री का चयन करेंगे सरकार भी उन्हीं के सानिध्य में चलेगा। गिरिराज सिंह ने राबड़ी देवी के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार की सेहत और राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई थी। मंत्री ने कहा कि जब नीतीश कुमार उनके साथ (महागठबंधन में) थे, तब अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया। अब जब वे एनडीए के साथ विकास की राह पर हैं, तो विपक्ष को उनकी चिंता सता रही है, जो केवल एक राजनीतिक स्टंट है। उन्होंने कहा कि मंझौल का यह शताब्दी मैदान खेलकूद को जीवित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। शताब्दी मैदान ने स्टेट लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक के कई खिलाड़ियों को पैदा किया है। सरकार ने कहा है मेडल लाओ नौकरी पाओ। उम्मीद है कि बेगूसराय में इंडोर स्टेडियम का उद्घाटन मई में हो जाएगा। गिरिराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट के कोच आसानी से मिल जाते हैं। वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए ऑल इंडिया फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और ओलंपिक इंडिया चैप्टर के महासचिव कल्याण चौबे से बात हुई है। उन्हें कहा है कि बेगूसराय में वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल को कैसे स्थापित किया जाए। बेगूसराय के डीएम से भी बात हुई है कि कहा है कि पूरे बेगूसराय जिला के हर स्कूल की एक मैपिंग करें कि कितना बड़ा ग्राउंड है। सभी को मैपिंग करके एक बेहतर खेल का वातावरण तैयार किया जाएगा। बेगूसराय में वॉलीबॉल का सेंटर अगर नहीं होगा, तो आखिर कहां होगा। बेगूसराय की मिट्टी में वॉलीबॉल आज से नहीं सालों से है। इस दौरान गिरिराज सिंह ने मंझौल के शहीद अमरेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेगूसराय की धरती वीरों की है। शहीद अमरेश का बलिदान युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद अमरेश की वीरता पर पूरे बेगूसराय को गर्व है। उन्होंने कहा कि शहीद भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनके आदर्श हमें हमेशा गौरवांवित करेंगे।


