सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज पुलिस ने शनिवार की देर शामआंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को लखनऊ जाने से रोक दिया। वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर नाराज कार्यकत्रियां डुमरियागंज स्थित कन्या इंटर कॉलेज मैदान में ही धरने पर बैठ गईं। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं प्रदेश स्तरीय आंदोलन में भाग लेने के लिए लखनऊ रवाना हुई थीं। जैसे ही उनका काफिला डुमरियागंज पहुंचा, वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सभी कार्यकत्रियों को कन्या इंटर कॉलेज मैदान में रोक दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज कार्यकत्रियों ने मैदान में ही धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। धरने में शामिल कार्यकत्रियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
उनका कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं गांव-गांव में बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण अभियान, कुपोषण रोकने तथा कई सरकारी योजनाओं को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें बहुत कम मानदेय पर काम करना पड़ता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम वेतन के बराबर करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था लागू करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की मांग शामिल है। इसके अलावा कार्यकत्रियां मोबाइल भत्ता, यात्रा भत्ता, कार्य के अनुसार प्रोत्साहन राशि और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग कर रही हैं।


