UPSC topper interview: छत्तीसगढ़ी कोसा साड़ी पहनकर UPSC का इंटरव्यू देने पहुंची थीं IPS दर्शना, पैनल ने पूछी इसकी खासियत, किए 30 सवाल

UPSC topper interview: छत्तीसगढ़ी कोसा साड़ी पहनकर UPSC का इंटरव्यू देने पहुंची थीं IPS दर्शना, पैनल ने पूछी इसकी खासियत, किए 30 सवाल

बैकुंठपुर। उत्तरी छत्तीसढ़ के मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) के वनांचल ब्लॉक जनकपुर की बिटिया दर्शना सिंह बघेल ने यूपीएससी-2025 में 383 वीं रैंक (UPSC topper interview) हासिल किया। वे सरगुजा अंचल की पहली आईपीएस बनेंगी। यूपीएससी का इंटरव्यू देने दर्शना छत्तीसगढ़ी कोसा साड़ी पहनकर गई थीं, यहां पैनल ने उनसे कोसा सिल्क की खासियत पूछी। इसका उन्होंने सहजता से जवाब दिया। हालांकि रिजल्ट आने से पहले दर्शना आईएएस बनना चाहती थीं, लेकिन चूक गईं। अब आईएएस बनने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यूपीएसएसी-2026 का फॉर्म भरकर तैयारी में जुट गई हैं।

पत्रिका से खास बातचीत में यूपीएससी कै्रकर दर्शना (UPSC topper interview) ने कहा कि इस सफर में कोसा सिल्क की साड़ी से लेकर अपनों के दिए गए लैपटॉप का बड़ा योगदान है। इस सफलता की सबसे भावुक तस्वीर दिल्ली स्थित यूपीएससी कार्यालय के बाहर उस वक्त दिखी, जब दर्शना इंटरव्यू देने अंदर चली गईं।

उनके पिता अरुण सिंह व माता सीमा सिंह बाहर इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को इंटरव्यू पैनल ने करीब 30 सवाल पूछे। सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पैनल ने कोसा सिल्क (UPSC topper interview) की खासियत पूछी।

UPSC Topper Darshana Singh interview
IPS Darshana Singh (Photo- Patrika)

मुझसे छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क के बारे में पूछा गया तो मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। मैंने मुस्कुराकर कहा- सर, छत्तीसगढ़ का कोसा विश्व प्रसिद्ध है। आज मैंने, जो साड़ी पहनी है, वह भी कोसा सिल्क ही है और साड़ी मेरे प्रदेश की पहचान है।

UPSC topper interview: मेस सेक्रेटरी के अनुभव मदद मददगार साबित

दर्शना सिंह (UPSC topper interview) ने कहा कि वे आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की मेस सेक्रेटरी थीं। इंटरव्यू में जब हॉस्टल के खाने पर सवाल पूछे तो प्रोटीन युक्त आहार और स्वच्छता का खाका सहित सुंदर जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि मेरी पढ़ाई में राजेश मिश्रा का भी सहयोग रहा, जिन्होंने आईआईटी से यूपीएससी तक की पढ़ाई के लिए 3 बार नए लैपटॉप गिफ्ट किए थे। उन्होंने कहा कि मेरी इस सफलता का श्रेय माता-पिता और जनकपुर की मिट्टी को जाता है, जिसने मुझे बड़े सपने देखने का हौसला दिया।

बचपन से ही कलेक्टर-एसपी कहकर पुकारते थे पापा

दर्शना (UPSC topper interview) ने बताया कि पापा मुझे बचपन से ही कलेक्टर-एसपी कहकर पुकारते थे, वो शब्द मेरे कान में मंत्र की तरह गूंजते थे। पहले प्रयास में इंटरव्यू के बाद सिलेक्शन नहीं होने पर थोड़ा दुख जरूर हुआ, लेकिन मन में दृढ़ संकल्प था कि इस बार सफल होकर ही लौटना है।

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