Prostate Cancer Symptoms: रात में बार-बार पेशाब आना खतरनाक, क्या अयातुल्ला खामेनेई को भी थी ये बीमारी? इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

Prostate Cancer Symptoms: रात में बार-बार पेशाब आना खतरनाक, क्या अयातुल्ला खामेनेई को भी थी ये बीमारी? इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

Prostate Cancer Symptoms: दुनिया में जब भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम होते हैं, तो उनके आसपास कई तरह की चर्चाएं और अटकलें भी सामने आने लगती हैं। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर भी कुछ ऐसी ही चर्चाएं सामने आईं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि वह पहले से प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस चर्चा ने एक बार फिर प्रोस्टेट कैंसर जैसे गंभीर रोग पर ध्यान खींचा है।

पुरुषों में आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज होने वाला कैंसर

प्रोस्टेट कैंसर दुनिया भर में पुरुषों में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल लाखों पुरुष इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। खासतौर पर 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में इसका खतरा ज्यादा होता है।चिंता की बात यह है कि कई मामलों में इस बीमारी का पता तब चलता है जब यह काफी आगे बढ़ चुकी होती है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते।

धीरे-धीरे बढ़ती है यह बीमारी

प्रोस्टेट कैंसर अक्सर धीरे-धीरे विकसित होता है। इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि कई लोग उन्हें उम्र बढ़ने की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई पुरुष सोचते हैं कि पेशाब से जुड़ी समस्याएं उम्र के साथ होना सामान्य है, इसलिए वे डॉक्टर से जांच कराने में देर कर देते हैं। यही देरी कई बार बीमारी को गंभीर बना देती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों के अनुसार कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर इनमें से कोई भी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जैसे कि बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में पेशाब शुरू करने या रोकने में दिक्कत
पेशाब का कमजोर या रुक-रुक कर आना, मूत्राशय पर नियंत्रण कम होना, पेशाब करते समय जलन या दर्द, पेशाब या वीर्य में खून आना या फिर कमर, कूल्हों या पेल्विस में लगातार दर्द रहना। हालांकि ये सभी लक्षण हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होते। कई बार प्रोस्टेट ग्रंथि के सामान्य बढ़ने से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन फिर भी इन संकेतों को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोस्टेट कैंसर से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है समय पर जांच। अगर बीमारी शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाए तो इसका इलाज काफी आसान हो सकता है और मरीज के ठीक होने की संभावना भी ज्यादा रहती है। इसके लिए दो आम जांचें की जाती हैं। पहली है PSA यानी प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट और दूसरी है डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन।

पुरुषों की सेहत पर खुलकर बात जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि पुरुष अक्सर अपनी सेहत को लेकर लापरवाह रहते हैं। कई लोग पेशाब या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करने में झिझक महसूस करते हैं। इसी वजह से बीमारी का पता देर से चलता है। इसलिए जरूरी है कि पुरुष अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर समय पर जांच कराएं। जागरूकता और नियमित जांच से प्रोस्टेट कैंसर जैसे गंभीर रोग से काफी हद तक बचाव संभव है।

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