अररिया जिला प्रशासन ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक लाइव सत्र आयोजित किया। इस सत्र में जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिनेश पासवान ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इसका उद्देश्य आम जनता को राशन वितरण प्रक्रिया, लाभार्थियों की संख्या और सरकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराना था। दिनेश पासवान ने बताया कि भारत सरकार ने 2014 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया था। इसके तहत, पूरे बिहार में अब राशन का वितरण 100% आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से हो रहा है। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ी है और सुनिश्चित हुआ है कि लाभ सही हाथों तक पहुंचे। AAY के तहत 71,161 राशन कार्ड धारक अररिया जिले में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत 71,161 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 325 परिवार सदस्य शामिल हैं। इन परिवारों को प्रति माह 35 किलो अनाज (गेहूं और चावल) निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना विशेष रूप से विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धों जैसे सबसे गरीब और असहाय परिवारों के लिए है। प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) योजना के अंतर्गत अररिया में 6 लाख 50 हजार 298 राशन कार्ड धारक हैं। इन परिवारों में कुल 24 लाख 31 हजार 480 सदस्य हैं, जिन्हें प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त मिलता है। अररिया के लाखों परिवारों को इन योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा लाइव सत्र में राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आधार लिंकिंग, डुप्लिकेट कार्ड की समस्या और शिकायत निवारण जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी लाभार्थी बिना आधार प्रमाणीकरण के राशन नहीं उठा सकता, जिससे लीकेज पर प्रभावी रोक लगी है। यह पहल जिला प्रशासन की पारदर्शी शासन और डिजिटल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। अररिया के लाखों परिवारों को इन योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा है, जो गरीबी उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। अररिया जिला प्रशासन ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक लाइव सत्र आयोजित किया। इस सत्र में जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिनेश पासवान ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इसका उद्देश्य आम जनता को राशन वितरण प्रक्रिया, लाभार्थियों की संख्या और सरकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराना था। दिनेश पासवान ने बताया कि भारत सरकार ने 2014 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया था। इसके तहत, पूरे बिहार में अब राशन का वितरण 100% आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से हो रहा है। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ी है और सुनिश्चित हुआ है कि लाभ सही हाथों तक पहुंचे। AAY के तहत 71,161 राशन कार्ड धारक अररिया जिले में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत 71,161 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 325 परिवार सदस्य शामिल हैं। इन परिवारों को प्रति माह 35 किलो अनाज (गेहूं और चावल) निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना विशेष रूप से विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धों जैसे सबसे गरीब और असहाय परिवारों के लिए है। प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) योजना के अंतर्गत अररिया में 6 लाख 50 हजार 298 राशन कार्ड धारक हैं। इन परिवारों में कुल 24 लाख 31 हजार 480 सदस्य हैं, जिन्हें प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त मिलता है। अररिया के लाखों परिवारों को इन योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा लाइव सत्र में राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आधार लिंकिंग, डुप्लिकेट कार्ड की समस्या और शिकायत निवारण जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी लाभार्थी बिना आधार प्रमाणीकरण के राशन नहीं उठा सकता, जिससे लीकेज पर प्रभावी रोक लगी है। यह पहल जिला प्रशासन की पारदर्शी शासन और डिजिटल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। अररिया के लाखों परिवारों को इन योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा है, जो गरीबी उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।


