नवादा सदर अस्पताल में लगी आग:सिविल सर्जन चैंबर और दवा स्टोर प्रभावित, लाखों की दवाएं-संपत्ति जलकर राख

नवादा सदर अस्पताल में लगी आग:सिविल सर्जन चैंबर और दवा स्टोर प्रभावित, लाखों की दवाएं-संपत्ति जलकर राख

नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग लग गई। सिविल सर्जन के चैंबर और दवा स्टोर इसकी चपेट में आ गए। इस घटना में लाखों रुपए की दवाएं और अस्पताल की संपत्ति जलकर खाक हो गई। आग लगने से छह लोग घायल भी हुए हैं।

आग के कारण सिविल सर्जन का चैंबर पूरी तरह जल गया। उनकी कुर्सी और अन्य सामान भी नष्ट हो गए। दो एयर कंडीशनर भी जलकर खाक हो गए। आग लगने के बाद बिजली का करंट फैल गया, जिससे अग्निशमन विभाग की टीम को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था स्टोर

अस्पताल में सिविल सर्जन चैंबर और सर्जिकल वार्ड के बीच एक दवा स्टोर बनाया गया था। यह स्टोर हाल ही में बनाया गया था। अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यह स्टोर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। बैठने की व्यवस्था हटाकर बना दवा स्टोर

इससे पहले, कुछ समय पूर्व, तत्कालीन डीएम आशुतोष वर्मा ने भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों और मरीजों के परिजनों के लिए लगभग 30 कुर्सियां और पंखे लगवाए थे। हालांकि, बाद में अस्पताल ने बैठने की यह व्यवस्था हटाकर उस स्थान पर दवा स्टोर बना दिया था।

जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास सर्जिकल वार्ड में लगभग आधा दर्जन मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद सभी मरीज वार्ड छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। आग पर तीन घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। इस घटना से अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग लग गई। सिविल सर्जन के चैंबर और दवा स्टोर इसकी चपेट में आ गए। इस घटना में लाखों रुपए की दवाएं और अस्पताल की संपत्ति जलकर खाक हो गई। आग लगने से छह लोग घायल भी हुए हैं।

आग के कारण सिविल सर्जन का चैंबर पूरी तरह जल गया। उनकी कुर्सी और अन्य सामान भी नष्ट हो गए। दो एयर कंडीशनर भी जलकर खाक हो गए। आग लगने के बाद बिजली का करंट फैल गया, जिससे अग्निशमन विभाग की टीम को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था स्टोर

अस्पताल में सिविल सर्जन चैंबर और सर्जिकल वार्ड के बीच एक दवा स्टोर बनाया गया था। यह स्टोर हाल ही में बनाया गया था। अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यह स्टोर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। बैठने की व्यवस्था हटाकर बना दवा स्टोर

इससे पहले, कुछ समय पूर्व, तत्कालीन डीएम आशुतोष वर्मा ने भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों और मरीजों के परिजनों के लिए लगभग 30 कुर्सियां और पंखे लगवाए थे। हालांकि, बाद में अस्पताल ने बैठने की यह व्यवस्था हटाकर उस स्थान पर दवा स्टोर बना दिया था।

जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास सर्जिकल वार्ड में लगभग आधा दर्जन मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद सभी मरीज वार्ड छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। आग पर तीन घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। इस घटना से अस्पताल की लापरवाही सामने आई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *