पटना शहर में बदलते मौसम को देखते हुए मच्छरों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए पटना नगर निगम अलर्ट मोड में आ गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार सफाई, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जैसे काम किए जा रहे हैं, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना को शुरुआती स्तर पर ही खत्म किया जा सके। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मैनहोल और कैचपिट की नियमित सफाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सफाई के दौरान एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव अनिवार्य रूप से कराएं। ऐसा करने से मच्छरों के लार्वा को पनपने से पहले ही नष्ट किया जा सकेगा। लकड़ी की कुन्नी और मोबिल से होगा मच्छरों पर नियंत्रण शहर में जहां कहीं भी पानी के स्थिर होने की स्थिति देखी जा रही है, वहां विशेष उपाय अपनाए जा रहे हैं। लकड़ी के कुन्नी को कपड़े में बांधकर लगभग 10 सेंटीमीटर व्यास का गोला तैयार किया जा रहा है। इसे जले हुए मोबिल में भिंगोकर स्थिर पानी में चार से पांच की संख्या में डाला जा रहा है, ताकि पानी की सतह पर परत बन सके और मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो। नगर निगम ने सभी क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। नगर निगम द्वारा प्रमुख कदम और सावधानियां फॉगिंग अभियान: मच्छरों के प्रभावी नियंत्रण के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है। सघन निगरानी: छिड़काव की निगरानी जियो-टैग फोटो के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही जो रिपोर्ट मुख्यालय में समर्पित की जाएगी, उस रिपोर्ट पर स्थानीय नागरिकों द्वारा भी हस्ताक्षर किया जाएगा जिसका सत्यापन कंट्रोल रूम से भी किया जाएगा। नाला सफाई अभियान: नगर निगम के कर्मी शहर के अलग-अलग इलाकों में नालों की उड़ाही के साथ एंटी-लार्वा छिड़काव का कार्य कर रहे हैं, ताकि जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। हेल्पलाइन सुविधा: नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास कूलर, पुराने टायर, गमलों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। यदि किसी क्षेत्र में फॉगिंग या एंटी-लार्वा छिड़काव की आवश्यकता हो, तो नागरिक नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 155304 पर संपर्क कर सकते हैं। पटना शहर में बदलते मौसम को देखते हुए मच्छरों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए पटना नगर निगम अलर्ट मोड में आ गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार सफाई, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जैसे काम किए जा रहे हैं, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना को शुरुआती स्तर पर ही खत्म किया जा सके। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मैनहोल और कैचपिट की नियमित सफाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सफाई के दौरान एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव अनिवार्य रूप से कराएं। ऐसा करने से मच्छरों के लार्वा को पनपने से पहले ही नष्ट किया जा सकेगा। लकड़ी की कुन्नी और मोबिल से होगा मच्छरों पर नियंत्रण शहर में जहां कहीं भी पानी के स्थिर होने की स्थिति देखी जा रही है, वहां विशेष उपाय अपनाए जा रहे हैं। लकड़ी के कुन्नी को कपड़े में बांधकर लगभग 10 सेंटीमीटर व्यास का गोला तैयार किया जा रहा है। इसे जले हुए मोबिल में भिंगोकर स्थिर पानी में चार से पांच की संख्या में डाला जा रहा है, ताकि पानी की सतह पर परत बन सके और मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो। नगर निगम ने सभी क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। नगर निगम द्वारा प्रमुख कदम और सावधानियां फॉगिंग अभियान: मच्छरों के प्रभावी नियंत्रण के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है। सघन निगरानी: छिड़काव की निगरानी जियो-टैग फोटो के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही जो रिपोर्ट मुख्यालय में समर्पित की जाएगी, उस रिपोर्ट पर स्थानीय नागरिकों द्वारा भी हस्ताक्षर किया जाएगा जिसका सत्यापन कंट्रोल रूम से भी किया जाएगा। नाला सफाई अभियान: नगर निगम के कर्मी शहर के अलग-अलग इलाकों में नालों की उड़ाही के साथ एंटी-लार्वा छिड़काव का कार्य कर रहे हैं, ताकि जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। हेल्पलाइन सुविधा: नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास कूलर, पुराने टायर, गमलों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। यदि किसी क्षेत्र में फॉगिंग या एंटी-लार्वा छिड़काव की आवश्यकता हो, तो नागरिक नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 155304 पर संपर्क कर सकते हैं।


