प्रयागराज में 7 दिवसीय ‘विरासत कला उत्सव’ शुरू:पंडित चेतन जोशी, वसिफुद्दीन डागर ने दी शानदार प्रस्तुति

प्रयागराज में 7 दिवसीय ‘विरासत कला उत्सव’ शुरू:पंडित चेतन जोशी, वसिफुद्दीन डागर ने दी शानदार प्रस्तुति

प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) में शुक्रवार से सात दिवसीय ‘विरासत कला उत्सव’ का शुभारंभ हुआ। उत्सव की पहली शाम अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी और पद्मश्री वसिफुद्दीन डागर ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। शाम की शुरुआत संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता पंडित चेतन जोशी के बांसुरी वादन से हुई। उन्होंने राग रागेश्वरी में आलाप, जोड़ और झाला प्रस्तुत किए। पंडित जोशी ने अति मंद्र सप्तक का प्रयोग करते हुए विलंबित रूपक ताल में गत और तीन ताल में ‘झननन बाजे मोरी पायलिया’ की प्रस्तुति दी। उन्होंने होली की विशेष धुन भी बजाई। उनके साथ तबले पर पंडित मनोज श्रीवास्तव और रुद्राक्ष श्रीवास्तव तथा बांसुरी पर आंजनेय जोशी ने संगत की। अगली प्रस्तुति में पद्मश्री वसिफुद्दीन डागर ने ध्रुपद गायन किया। उन्होंने राग श्री में ‘कुंजन में रचो रास’ और राग देश में धमार प्रस्तुत किया। उनके साथ पंडित मोहन श्याम शर्मा ने पखावज पर संगत की। उत्सव के दौरान ‘सेवा पर्व’ के तहत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इसमें डॉ. अम्बरीश कुमार ने प्रथम, विजेता प्रजापति ने द्वितीय और राजाधिराज सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कॉलेज वर्ग में सिद्धार्थ कुमार सिंह प्रथम, भरत तिवारी द्वितीय और खुशी देवी तृतीय रहीं। स्कूल वर्ग में शिखर वर्मा प्रथम, शिवम विश्वकर्मा द्वितीय और मृदुल गौतम तृतीय स्थान पर रहे। केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरुषार्थी ने किया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *