US air Strike on Minab School: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को अमेरिका की कड़ी निंदा की और उनकी तरफ से किए जा रहे हमलों पर आपत्ति जताई, जिनमें बच्चों और निर्दोषों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ईरान की प्रतिक्रिया अनिवार्य रूप से अमेरिकी ठिकानों और संस्थानों के खिलाफ होगी।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अमेरिका पर ईरान में बच्चों और निर्दोषों पर हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ईरान और अरब भाई सदियों से स्नेह, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना के साथ साथ-साथ रहे हैं। अमेरिकी हमलावर हमारे अरब दोस्तों की जमीन से बच्चों और निर्दोषों को निशाना बनाने के लिए हमले करते हैं। जहां तक ईरान की प्रतिक्रिया का सवाल है, यह अनिवार्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के ठिकानों और उसके संस्थानों पर केंद्रित होगी।”
अराघची की टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में स्थित मीनाब गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश का माहौल है, जिसमें 160 से अधिक लोग मारे गए और 100 अन्य घायल हुए थे। हालिया एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण से पता चलता है कि इस प्राथमिक विद्यालय पर हुए घातक हमले के लिए संभवतः अमेरिका जिम्मेदार था।
अमेरिका बोला-जांच कर रहे
उधर, अमेरिका ने इसको लेकर किए गए सवाल पर कहा था कि वे इसकी जांच कर रहे हैं। अमेरिका की रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि नागरिक क्षति की रिपोर्टों की जांच शुरू कर दी गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य जांचकर्ताओं का भी मानना है कि स्कूल पर हमले के लिए अमेरिकी सेना ही जिम्मेदार थी।
बता दें कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद तनाव बढ़ा है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मृत्यु हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं।


