भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी. (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी तनुराज सोनी(20) को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी की नाबालिग पीड़िता से सोशल मीडिया के माध्यम से जान-पहचान हुई थी। जिसके बाद दोनों एक दूसरे का मोबाइल नंबर लेकर बातचीत करने लगे। 9 जनवरी 2020 को आरोपी ने नाबालिग से मुलाकात करने की जिद किया। पीड़िता को अपने गाड़ी में बिठाकर घर ले गया। जहां रात 9.30 बजे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया। इसके अलावा कई बार अलग-अलग स्थानों में और अंतिम बार पीड़िता के घर में शारीरिक संबंध बनाया। जिसके बाद पीड़िता से बातचीत करना बंद कर मैसेज का रिप्लाई नहीं कर नंबर को ही ब्लॉक कर दिया। आरोपी की हरकत को देखकर 17 जनवरी 2025 को पुलिस थाने में शिकायत आवेदन पेश किया। जिसके आधार पर पुलिस ने धारा 64 (2) (एम), 65 (1) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 6 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। प्रकरण में मिले सबूत के आधार पर आरोपी को दंडित किया गया है।


