राजधानी और आसपास के लाखों मुसलमानों ने रमजान के तीसरे जुमे की नमाज अदा की। मस्जिदों आैर खानकाहों में दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक जुमे की नमाज अदा की गई।नमाज से पहले लोगों ने कुरआन की तिलावत की। इधर, मस्जिदों के पेशइमाम व खतीबों ने तकरीर में कहा कि रमजान का दूसरा अशरा मगफिरत का चल रहा है। 10 मार्च से रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो जाएगा। तीसरे अशरे यानी अंतिम दस दिनों के रमजान के फजीलतो के बारे में बताया। पटना हाईकोर्ट मस्जिद के पेशइमाम अजमतुल्लाह रहमानी ने नमाज से पहले तकरीर में कहा कि अब रमजान के 13-14 दिन बचे हैं। इन दिनों में जितना इबादत करना है, कर लें। अपने गुनाहों की माफी मांग लें। मोहल्ले से कम से कम एक लोग भी मस्जिद में एतकाफ में बैठें और खूब इबादत, तिलावत करें। खुदा का जिक्र करें। अपने आखिरी नबी पैगम्बर मोहम्मद सल्लल लाहो अलैहे वसल्ल्म पर दरूद भेजें। तीसरे अशरे की विषम पांच रातों यानी 21, 23, 25, 27 आैर 29 रमजान की रात में शब-ए-कदर हैं। रहमत बरसने वाली इन पांच रातों में जहां तक हो नमाज और कुरआन की तिलावत करें। ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। जिन लोगों ने अभी तक रोजा नहीं रखा है, वे भी इस माह की अहमियत को समझें। हो सकता है कि बंदे की यह अदा खुदा को पसंद आ जाए और खुदा आपके गुनाहों को माफ कर दें। अगला शुक्रवार अलविदा जुमा इस्लामिक मामलों के जानकार मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने बताया कि इस बार रमजान में 5 जुमा हो सकता है। अगला जुमा रमजान की 23 तारीख होगी। यही रमजान का आखिरी जुमा यानि जुम्मतुलविदा होगा। अगर 29 रमजान को चांद नहीं हुआ तो 30 रमजान भी जुमा पड़ेगा। अगर 29 रमजान को चांद हो गया तो फिर 20 मार्च को ईद होगी। राजधानी और आसपास के लाखों मुसलमानों ने रमजान के तीसरे जुमे की नमाज अदा की। मस्जिदों आैर खानकाहों में दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक जुमे की नमाज अदा की गई।नमाज से पहले लोगों ने कुरआन की तिलावत की। इधर, मस्जिदों के पेशइमाम व खतीबों ने तकरीर में कहा कि रमजान का दूसरा अशरा मगफिरत का चल रहा है। 10 मार्च से रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो जाएगा। तीसरे अशरे यानी अंतिम दस दिनों के रमजान के फजीलतो के बारे में बताया। पटना हाईकोर्ट मस्जिद के पेशइमाम अजमतुल्लाह रहमानी ने नमाज से पहले तकरीर में कहा कि अब रमजान के 13-14 दिन बचे हैं। इन दिनों में जितना इबादत करना है, कर लें। अपने गुनाहों की माफी मांग लें। मोहल्ले से कम से कम एक लोग भी मस्जिद में एतकाफ में बैठें और खूब इबादत, तिलावत करें। खुदा का जिक्र करें। अपने आखिरी नबी पैगम्बर मोहम्मद सल्लल लाहो अलैहे वसल्ल्म पर दरूद भेजें। तीसरे अशरे की विषम पांच रातों यानी 21, 23, 25, 27 आैर 29 रमजान की रात में शब-ए-कदर हैं। रहमत बरसने वाली इन पांच रातों में जहां तक हो नमाज और कुरआन की तिलावत करें। ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। जिन लोगों ने अभी तक रोजा नहीं रखा है, वे भी इस माह की अहमियत को समझें। हो सकता है कि बंदे की यह अदा खुदा को पसंद आ जाए और खुदा आपके गुनाहों को माफ कर दें। अगला शुक्रवार अलविदा जुमा इस्लामिक मामलों के जानकार मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने बताया कि इस बार रमजान में 5 जुमा हो सकता है। अगला जुमा रमजान की 23 तारीख होगी। यही रमजान का आखिरी जुमा यानि जुम्मतुलविदा होगा। अगर 29 रमजान को चांद नहीं हुआ तो 30 रमजान भी जुमा पड़ेगा। अगर 29 रमजान को चांद हो गया तो फिर 20 मार्च को ईद होगी।


