वीरपुर-संजात पथ के प्रस्तावित विस्तारीकरण को लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की छह सदस्यीय जांच टीम ने वीरपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीडीसी, एडीएम, डीसीएलआर और भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने सड़क से सटी भूमि का गहन जायजा लिया। टीम ने विशेष रूप से खेसरा संख्या 1832, 1833, 1835 और 1862 का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने भूमि की वर्तमान स्थिति, उसके स्वामित्व और मुआवजा प्रक्रिया से जुड़े रैयतों (भू-धारकों) की विस्तृत जानकारी भी एकत्र की। यह सत्यापन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। बेगूसराय के डीसीएलआर ने बताया कि छह सदस्यीय जांच टीम द्वारा प्लॉटों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है। इस अवसर पर वीरपुर अंचलाधिकारी भाई वीरेंद्र, अंचल अमीन राम कुमार और अन्य संबंधित कर्मी भी मौजूद थे। वीरपुर-संजात पथ के प्रस्तावित विस्तारीकरण को लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की छह सदस्यीय जांच टीम ने वीरपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीडीसी, एडीएम, डीसीएलआर और भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने सड़क से सटी भूमि का गहन जायजा लिया। टीम ने विशेष रूप से खेसरा संख्या 1832, 1833, 1835 और 1862 का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने भूमि की वर्तमान स्थिति, उसके स्वामित्व और मुआवजा प्रक्रिया से जुड़े रैयतों (भू-धारकों) की विस्तृत जानकारी भी एकत्र की। यह सत्यापन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। बेगूसराय के डीसीएलआर ने बताया कि छह सदस्यीय जांच टीम द्वारा प्लॉटों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है। इस अवसर पर वीरपुर अंचलाधिकारी भाई वीरेंद्र, अंचल अमीन राम कुमार और अन्य संबंधित कर्मी भी मौजूद थे।


