नवादा जिले के वारसलीगंज प्रखंड अंतर्गत मंजौर गांव के झाड़ी क्षेत्र में अचानक आग लग गई। सूखी झाड़ियों में लगी यह आग हल्की हवा के कारण तेजी से फैलने की आशंका थी। आसपास गेहूं की कटी फसलें और पुआल के ढेर होने से बड़े नुकसान का खतरा था। स्थानीय ग्रामीणों ने आग की चिंगारियां देखते ही तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की। स्थानीय लोगों के सहयोग से पाया काबू अग्निशमन विभाग की टीम ने त्वरित गति से मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अग्निशमन कर्मियों की कुशलता और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। इससे न केवल आसपास की फसलें सुरक्षित रहीं, बल्कि कोई बड़ा नुकसान भी नहीं हुआ। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ऐसे मौसम में सूखी झाड़ियां और फसल अवशेष आग लगने के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। स्थानीय निवासियों की तत्परता और अग्निशमन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक संभावित आपदा को टाल दिया। प्रशासन ने लोगों से ऐसी स्थिति में तुरंत सूचना देने और आग से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। नवादा जिले के वारसलीगंज प्रखंड अंतर्गत मंजौर गांव के झाड़ी क्षेत्र में अचानक आग लग गई। सूखी झाड़ियों में लगी यह आग हल्की हवा के कारण तेजी से फैलने की आशंका थी। आसपास गेहूं की कटी फसलें और पुआल के ढेर होने से बड़े नुकसान का खतरा था। स्थानीय ग्रामीणों ने आग की चिंगारियां देखते ही तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की। स्थानीय लोगों के सहयोग से पाया काबू अग्निशमन विभाग की टीम ने त्वरित गति से मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अग्निशमन कर्मियों की कुशलता और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। इससे न केवल आसपास की फसलें सुरक्षित रहीं, बल्कि कोई बड़ा नुकसान भी नहीं हुआ। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ऐसे मौसम में सूखी झाड़ियां और फसल अवशेष आग लगने के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। स्थानीय निवासियों की तत्परता और अग्निशमन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक संभावित आपदा को टाल दिया। प्रशासन ने लोगों से ऐसी स्थिति में तुरंत सूचना देने और आग से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।


