अम्बेडकरनगर के टांडा कोतवाली क्षेत्र में पूर्व सभासद और भाजपा नेता सुरेंद्र मांझी की फावड़े से काटकर की गई हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है। यह निर्मम वारदात 3 मार्च की रात जनार्दनपुर गांव में हुई थी। होली के माहौल के बीच हुई इस हत्या से पूरे गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार घटना से कुछ देर पहले सुरेंद्र मांझी के मोबाइल पर अरविंद प्रजापति का फोन आया था। फोन पर बातचीत के बाद वह घर से बाहर निकल गए। बताया जाता है कि जनार्दनपुर के पास पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में अरविंद प्रजापति इस मामले की अहम कड़ी के रूप में सामने आया था। पुलिस उसे पूछताछ के लिए तलाश कर रही थी। इसी बीच उसकी जहर से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अरविंद की मौत के बाद पूरा हत्याकांड नए सवालों के घेरे में आ गया है और ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मामले में अरविंद का करीबी साथी चंदू घटना के बाद से ही फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसे इस हत्याकांड की महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच के लिए तीन टीमें गठित पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच के लिए सर्विलांस, स्वाट और एसओजी की तीन टीमें गठित की गई हैं। हालांकि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस को अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। टांडा कोतवाली के एसएचओ दीपक रघुवंशी ने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


