अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) का ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहा युद्ध गंभीर होता जा रहा है। इस युद्ध का आज सातवां दिन है। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और अन्य कई मिडिल ईस्ट देशों पर हवाई हमले कर रहा है। इस युद्ध की वजह से ईरान में 1,100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है, जिनमें ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) समेत कई ईरानी मंत्री, अधिकारी और सैन्य कमांडर भी शामिल हैं। इज़रायल ने ताबड़तोड़ मिसाइलें दागते हुए खामेनेई को मौत के घाट उतारा। हालांकि उनकी हत्या करने का फैसला अंतिम समय में नहीं लिया गया था, बल्कि महीनों पहले ही इसकी प्लानिंग हो गई थी।
पिछले साल ही बन गया था खामेनेई की हत्या का प्लान
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को मारने का लक्ष्य पिछले साल नवंबर में ही निर्धारित कर लिया था। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ (Israel Katz) ने बताया कि एक सीक्रेट मीटिंग के दौरान खामेनेई की हत्या का प्लान बनाया गया और 2026 में इसे अंजाम देने का फैसला किया गया। खामेनेई की हत्या के इस प्लान के बारे में अमेरिका को भी जानकारी दी गई और इस प्लान पर अमेरिका ने इज़रायल को ग्रीन सिग्नल भी दिया।
खुफिया निगरानी के आधार पर बनाया प्लान
इज़रायल ने लंबे समय से चल रही खुफिया निगरानी के आधार पर खामेनेई की हत्या का प्लान बनाया। इज़रायल के जासूस लंबे समय से ईरान में फैले हुए हैं और खामेनेई पर उनकी कड़ी नज़र थी। ऐसे में जब युद्ध की शुरुआत हुई तो इज़रायल को पता था कि खामेनेई तेहरान स्थित अपने कंपाउंड में थे और ईरान के बड़े अधिकारियों से मीटिंग कर रहे थे। इस हमले को दिन में अंजाम दिया गया जिससे खामेनेई समेत किसी को भी इस बात का अंदेशा न हो कि ईरान पर हमला हो सकता है। खामेनेई को मारने के लिए इज़रायली फाइटर जेट्स ने उनके कंपाउंड पर करीब 30 बम गिराए।


