Flight Landing Issue: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार को मुंबई से आई एक फ्लाइट दूसरे प्रयास में लैंड हो सकी। इस दौरान फ्लाइट के दोबारा टेकऑफ करने से कुछ समय के लिए यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि बाद में सुरक्षित लैंडिंग होने पर यात्रियों और कू मेंबर्स ने राहत की सांस ली।
एप्रोच स्थिर नहीं होने हड़कंप
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस को एक फ्लाइट ने सुबह करीब साढ़े सात बजे मुंबई से जयपुर के लिए उड़ान भरी थी। सुबह करीब 9:20 बजे जब पायलट ने जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की लैंड फराने का प्रयास किया तो वह सफल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान फलाइट की एप्रोच स्थिर नहीं होने के कारण पायलट को रनवे टच कराने के तुरंत बाद दोबारा टेकऑफ करना पड़ा।
दूसरे प्रयास में लैंडिंग सफल
इसके बाद विमान को गी-राउंड पर रखा गया और करीब 12 मिनट बाद दूसरे प्रयास में फ्लाइट को सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। इस दौरान विमान के दोबारा उड़ान भरने से कुछ यात्रियों में घबराहट भी देखी गई। गौरतलब है कि अनस्टेबल एप्रोच की स्थिति में सुरक्षा मानकों के तहत पायलट फ्लाइट को गो-अराउंड पर ले जाता है और दोबारा लैंडिंग की कोशिश की जाती है। इसे विमानन सुरक्षा की सामान्य प्रक्रिया माना जाता है।
बीते वर्ष हाइड्रोलिक खराबी से इमरजेंसी लैंडिंग
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बीते साल 3 दिसंबरको को बड़ा हादसा टल गया। एयरपोर्ट पर पायलट की सूझबूझ और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। हाइड्रोलिक सिस्टम की खराबी से फ्लाइट की फुल इमरजेंसी लैंडिंग हुई, राहत की बात यह रही कि सभी सुरक्षित रहे और खतरे की घड़ी टल गई। पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल हो गया था।
फुल इमरजेंसी लैंडिंग की मांगी अनुमति
बीते 3 दिसंबर को मुंबई से जयपुर के लिए फ्लाइट रवाना हुई। जयपुर लैंड होने से महज 15 मिनट पहले पायलट को फ्लाइट के हाइड्रोलिक सिस्टम में तकनीकी खराबी महसूस हुई। उसने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) को इसकी सूचना दी और फुल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। सूचना मिलते ही रनवे पर फायर ब्रिगेड, एयरपोर्ट सिक्योरिटी और मेडिकल टीम अलर्ट हो गई। फ्लाइट की सफल लैंडिंग हुई।
पहिए नहीं खुलते तो खतरे में पड़ जाती लैंडिंग
बताया जा रहा है कि एयरक्राफ्ट के हाइड्रोलिक सिस्टम में ऑयल लीकेज हो रहा था। इस वजह से एयरक्राफ्ट के लैंडिंग के दौरान व्हील खुलने में समस्या आ सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि रनवे पर लैंड होने के बाद फ्लाइट को ग्राउंड व्हीकल की मदद से टो कर रनवे से एप्रेन तक लाया गया, क्योंकि हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण फ्लाइट के व्हील इधर-उधर घूम नहीं पा रहे थे।


