Mahavir Jayanti Holiday : महावीर जयंती पर्व के सरकारी अवकाश को लेकर असमंजस गहरा गया है। तिथि के अनुसार महावीर जयंती 30 मार्च को है। लेकिन केंद्र व राज्यों के कलेंडर में सरकारी अवकाश 31 मार्च को घोषित है। जैन समाज के अनुसार पंचांग की तिथि चैत्र शुक्ल त्रयोदशी यानी 30 मार्च को महावीर जयंती मनाई जाएगी। ऐसे में देशभर में सरकारी अवकाश 30 मार्च को होना चाहिए।
भगवान महावीर के जन्म कल्याणक की तिथि को लेकर गफलत सामने आई है। जैन समुदाय ने राजस्थान सरकार से अवकाश की तारीख संशोधित करने की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग के समक्ष मांग रखते हुए कहा है कि जैन पंचांग और मान्यता प्राप्त तिथि कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 30 मार्च (सोमवार) को है जबकि राज्य सरकार के अवकाश कैलेंडर में इसे 31 मार्च दर्शाया गया है।
भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर
स्मरण पत्र में कहा गया है कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म दिवस जैन समुदाय का सबसे बड़ा और प्रमुख पर्व माना जाता है। ऐसे में तिथि के अनुरूप ही राजकीय अवकाश घोषित किया जाना समुदाय की आस्था और परंपरा के सम्मान से जुड़ा विषय है।
दिगंबर जैन मंदिर महासंघ राजस्थान, अतिशय क्षेत्र महावीर जी और अतिशय क्षेत्र सोनागिरी (मध्यप्रदेश) सहित कई संस्थाओं की ओर से जारी वर्ष 2026 के तिथि कैलेंडर में महावीर जयंती 30 मार्च को ही दर्शायी गई है। इस संबंध में जैन तिथि दर्पण और पंचांग की प्रतियां भी सरकार को भेजी गई है।
मुनियों ने भी किया स्पष्ट
जैन श्रमण मुनि पुंगव सुधा सागर और श्रमण मुनि प्रमाण सागर ने भी स्पष्ट किया है कि सकल जैन समुदाय इस वर्ष महावीर जयंती 30 मार्च को ही मनाएगा। समुदाय के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि वर्ष 2023 में भी इसी प्रकार की स्थिति बनने पर राज्य सरकार ने समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अवकाश की तिथि में संशोधन किया था।
इसी आधार पर इस बार भी तिथि परिवर्तन कर अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है। इधर जबलपुर हाइकोर्ट ने महावीर जयंती का अवकाश 30 की बजाय 30 मार्च को घोषित किया है।


