नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं, क्या JDU बिखर जाएगी:बेटे की ताजपोशी कर कैसे बचाएंगे पार्टी?, निशांत के लिए भाजपा का अगला प्लान क्या है

नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं, क्या JDU बिखर जाएगी:बेटे की ताजपोशी कर कैसे बचाएंगे पार्टी?, निशांत के लिए भाजपा का अगला प्लान क्या है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। 5 मार्च को उन्होंने नामांकन कर दिया। 16 मार्च को चुनाव के बाद उन्हें राज्यसभा सांसद चुने जाने की पूरी संभावना है। उनके नामांकन के साथ ही बिहार में नई सरकार के बनने का रास्ता साफ हो गया। ज्यादा संभावना है कि भाजपा राज्य में अपना पहला मुख्यमंत्री बना लेगी। नीतीश कुमार के नामांकन की सूचना के साथ ही पूरे राज्य में उनके समर्थक भड़क गए हैं। गुरुवार को CM हाउस से लेकर पार्टी दफ्तर तक समर्थकों ने हंगामा किया। साथ ही नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं जाने की अपील की। कार्यकर्ताओं के गुस्से से क्या नीतीश कुमार के जाने के बाद JDU बिखर जाएगी। निशांत कुमार की पॉलिटिक्स में एंट्री क्या पार्टी के अंदर की बगावत को थामेगी। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। 2 पॉइंट में बिखरने की संभावना क्यों… 1. सड़कों पर प्रदर्शन, पार्टी में बढ़ रहा असंतोष CM नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही कार्यकर्ता CM आवास पहुंचने लगे। कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे।’ CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। 2. नीतीश पार्टी के स्ट्रैंथ, कार्यकर्ताओं में फैल रही निराशा 2003 में बनी JDU बीते 23 साल से नीतीश की छांव में ही चल रही है। नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। पिछले 30 सालों की बिहार की राजनीति को देखें तो यहां हमेशा तीसरी धुरी रही है। तीसरी धुरी का नेतृत्व नीतीश कुमार करते हैं। क्या बगावत रोकने निशांत राजनीति में आएंगे… बिल्कुल। और इसमें मदद भाजपा करेगी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा को पता है कि नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरी तो सत्ता का समीकरण बिगड़ सकता है। उनका वोट बैंक भाजपा में ही शिफ्ट होगा, इसकी गारंटी नहीं है। निशांत ही विकल्प क्यों… मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। 5 मार्च को उन्होंने नामांकन कर दिया। 16 मार्च को चुनाव के बाद उन्हें राज्यसभा सांसद चुने जाने की पूरी संभावना है। उनके नामांकन के साथ ही बिहार में नई सरकार के बनने का रास्ता साफ हो गया। ज्यादा संभावना है कि भाजपा राज्य में अपना पहला मुख्यमंत्री बना लेगी। नीतीश कुमार के नामांकन की सूचना के साथ ही पूरे राज्य में उनके समर्थक भड़क गए हैं। गुरुवार को CM हाउस से लेकर पार्टी दफ्तर तक समर्थकों ने हंगामा किया। साथ ही नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं जाने की अपील की। कार्यकर्ताओं के गुस्से से क्या नीतीश कुमार के जाने के बाद JDU बिखर जाएगी। निशांत कुमार की पॉलिटिक्स में एंट्री क्या पार्टी के अंदर की बगावत को थामेगी। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। 2 पॉइंट में बिखरने की संभावना क्यों… 1. सड़कों पर प्रदर्शन, पार्टी में बढ़ रहा असंतोष CM नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही कार्यकर्ता CM आवास पहुंचने लगे। कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे।’ CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। 2. नीतीश पार्टी के स्ट्रैंथ, कार्यकर्ताओं में फैल रही निराशा 2003 में बनी JDU बीते 23 साल से नीतीश की छांव में ही चल रही है। नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। पिछले 30 सालों की बिहार की राजनीति को देखें तो यहां हमेशा तीसरी धुरी रही है। तीसरी धुरी का नेतृत्व नीतीश कुमार करते हैं। क्या बगावत रोकने निशांत राजनीति में आएंगे… बिल्कुल। और इसमें मदद भाजपा करेगी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा को पता है कि नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरी तो सत्ता का समीकरण बिगड़ सकता है। उनका वोट बैंक भाजपा में ही शिफ्ट होगा, इसकी गारंटी नहीं है। निशांत ही विकल्प क्यों…  

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