गयाजी के बेलागंज थाना क्षेत्र का उज्जे गांव में आज 2 पक्षों के बीच विवाद हुआ। मामूली बच्चों के खेल से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया। कुछ ही देर में हालात इतने बिगड़ गए कि गांव के मैदान से लेकर गलियों तक पत्थरबाजी शुरू हो गई। हिंसक झड़प में एक गर्भवती महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद गांव में देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह पहले यहां दूसरे समुदाय के लोगों ने कलश ले जाने से रोका था। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मैदान में एक समुदाय के बच्चे गेंद से खेल रहे थे। इसी दौरान खेलते-खेलते गेंद पास से गुजर रहे दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति को लग गई। पहले तो इस बात को लेकर कहासुनी हुई। कुछ ही मिनटों में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद तेजी से बढ़ा और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। एक पक्ष की ओर से अचानक रोड़ेबाजी शुरू कर दी गई। देखते ही देखते कई लोग भीड़ में शामिल हो गए और दोनों ओर से हंगामा होने लगा। पत्थरबाजी के दौरान गांव की रहने वाली 21 साल की गर्भवती ललिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा 60 साल की सिंधु देवी और विनोद साव भी रोड़ेबाजी की चपेट में आकर जख्मी हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बेलागंज थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को तुरंत बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिंधु देवी की हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें गया के अस्पताल रेफर कर दिया। कलश को गांव में घुमाने से रोका था गांव के लोगों का कहना है कि यह विवाद अचानक नहीं भड़का है, बल्कि इसके पीछे पिछले दिनों की तनातनी भी कारण हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले गांव में हो रहे अखंड कीर्तन के कलश को एक समुदाय के लोगों ने गांव में घुमाने से रोक दिया था। उसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच अंदर ही अंदर तनाव बना हुआ था।
इसी पुराने विवाद की चिंगारी गुरुवार को बच्चों के खेल के बहाने भड़क उठी और गांव में हिंसक टकराव हो गया। घटना के बाद से गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और माहौल पर नजर रखी जा रही है। बेलागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और मामले में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद उज्जे गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। गयाजी के बेलागंज थाना क्षेत्र का उज्जे गांव में आज 2 पक्षों के बीच विवाद हुआ। मामूली बच्चों के खेल से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया। कुछ ही देर में हालात इतने बिगड़ गए कि गांव के मैदान से लेकर गलियों तक पत्थरबाजी शुरू हो गई। हिंसक झड़प में एक गर्भवती महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद गांव में देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह पहले यहां दूसरे समुदाय के लोगों ने कलश ले जाने से रोका था। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मैदान में एक समुदाय के बच्चे गेंद से खेल रहे थे। इसी दौरान खेलते-खेलते गेंद पास से गुजर रहे दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति को लग गई। पहले तो इस बात को लेकर कहासुनी हुई। कुछ ही मिनटों में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद तेजी से बढ़ा और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। एक पक्ष की ओर से अचानक रोड़ेबाजी शुरू कर दी गई। देखते ही देखते कई लोग भीड़ में शामिल हो गए और दोनों ओर से हंगामा होने लगा। पत्थरबाजी के दौरान गांव की रहने वाली 21 साल की गर्भवती ललिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा 60 साल की सिंधु देवी और विनोद साव भी रोड़ेबाजी की चपेट में आकर जख्मी हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बेलागंज थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को तुरंत बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिंधु देवी की हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें गया के अस्पताल रेफर कर दिया। कलश को गांव में घुमाने से रोका था गांव के लोगों का कहना है कि यह विवाद अचानक नहीं भड़का है, बल्कि इसके पीछे पिछले दिनों की तनातनी भी कारण हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले गांव में हो रहे अखंड कीर्तन के कलश को एक समुदाय के लोगों ने गांव में घुमाने से रोक दिया था। उसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच अंदर ही अंदर तनाव बना हुआ था।
इसी पुराने विवाद की चिंगारी गुरुवार को बच्चों के खेल के बहाने भड़क उठी और गांव में हिंसक टकराव हो गया। घटना के बाद से गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और माहौल पर नजर रखी जा रही है। बेलागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और मामले में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद उज्जे गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


