सहरसा में जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुवार को समाहरणालय में दो महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने इनकी अध्यक्षता की। इस दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पहली बैठक में श्रम संसाधन विभाग, जिला कल्याण कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, नगर निगम, नगर पंचायत और नगर परिषद सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लाभुकों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित थी
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जहां कहीं भी बाधाएं आ रही हों, उन्हें शीघ्र दूर किया जाए। दूसरी बैठक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों और प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों के साथ सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित थी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में साप्ताहिक जांच परीक्षा के नियमित संचालन का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का लगातार आकलन हो सके। इसके अतिरिक्त, बच्चों में खेल भावना और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी विद्यालयों को पंचायत स्तर पर निर्मित खेल मैदानों से जोड़ने का निर्देश दिया गया। आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया
जिला शिक्षा कार्यालय को स्कूलों में खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। सहरसा में जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुवार को समाहरणालय में दो महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने इनकी अध्यक्षता की। इस दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पहली बैठक में श्रम संसाधन विभाग, जिला कल्याण कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, नगर निगम, नगर पंचायत और नगर परिषद सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लाभुकों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित थी
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जहां कहीं भी बाधाएं आ रही हों, उन्हें शीघ्र दूर किया जाए। दूसरी बैठक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों और प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों के साथ सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित थी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में साप्ताहिक जांच परीक्षा के नियमित संचालन का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का लगातार आकलन हो सके। इसके अतिरिक्त, बच्चों में खेल भावना और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी विद्यालयों को पंचायत स्तर पर निर्मित खेल मैदानों से जोड़ने का निर्देश दिया गया। आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया
जिला शिक्षा कार्यालय को स्कूलों में खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


