बक्सर में बकरी चोरी के विवाद में हत्या:मां को कमरे में बंद कर आरोपियों ने युवक को पीटा, 2 घंटे तक SH जाम

बक्सर में बकरी चोरी के विवाद में हत्या:मां को कमरे में बंद कर आरोपियों ने युवक को पीटा, 2 घंटे तक SH जाम

बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के हेठूआ गांव में 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने भलुआ गांव के पास बक्सर-कोचस स्टेट हाइवे को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही राजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो दर्जन से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समझाने-बुझाने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे परिजन और ग्रामीण सड़क से हटे, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका। हत्या के विरोध में फूटा लोगों का गुस्सा सड़क जाम के दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। परिजनों ने पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे दोबारा सड़क जाम कर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों को शांत कराने की कोशिश करती रही। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई और जाम समाप्त कराया गया। घर के दरवाजे पर सो रहा था युवक बताया जा रहा है कि हेठूआ गांव निवासी मंटू मौर्य (20) बुधवार की रात अपने घर के दरवाजे पर सो रहा था। मंटू के पिता का नाम भागीरथी कुशवाहा है। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग रात में घर में घुस आए और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के समय घर के अन्य सदस्य सो रहे थे। अचानक शोर सुनकर परिजन जागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में दहशत का माहौल बन गया। मां को कमरे में बंद कर आरोपियों ने की पिटाई मृतक की मां प्रमिला देवी ने बताया कि जब उन्हें बेटे की चीख-पुकार सुनाई दी तो वह उसे बचाने के लिए दौड़ीं। लेकिन आरोपियों ने उन्हें पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर मंटू की बेरहमी से पिटाई करते रहे। कुछ देर बाद जब वह बाहर निकलीं तो देखा कि मंटू की हालत गंभीर हो चुकी थी और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर उस समय उन्हें रोका नहीं गया होता तो शायद वे अपने बेटे की जान बचा सकती थीं। बकरी चोरी के विवाद में हत्या का आरोप मृतक के पिता भागीरथी कुशवाहा ने गांव के ही संजय खरवार, सुरेंद्र खरवार, राजू खरवार समेत चार-पांच अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मंटू उनके तीन बेटों में सबसे छोटा था, लेकिन वही घर का मुख्य सहारा था। वह ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों के अनुसार इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश है। करीब छह महीने पहले गांव में बकरी चोरी को लेकर विवाद हुआ था। उस समय इस मामले में थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया था। परिवार का आरोप है कि उसी रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया। होली के दिन खुशियों के बीच छाया मातम घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। होली के त्योहार के बीच हुई इस घटना से लोगों में आक्रोश और डर का माहौल है। कुशवाहा समाज के नेता अभिमन्यु कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर होली के दिन पूरे गांव में खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं इस परिवार में मातम छा गया है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। पुलिस कर रही मामले की जांच वहीं इस मामले में राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अभी तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के हेठूआ गांव में 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने भलुआ गांव के पास बक्सर-कोचस स्टेट हाइवे को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही राजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो दर्जन से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समझाने-बुझाने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे परिजन और ग्रामीण सड़क से हटे, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका। हत्या के विरोध में फूटा लोगों का गुस्सा सड़क जाम के दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। परिजनों ने पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे दोबारा सड़क जाम कर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों को शांत कराने की कोशिश करती रही। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई और जाम समाप्त कराया गया। घर के दरवाजे पर सो रहा था युवक बताया जा रहा है कि हेठूआ गांव निवासी मंटू मौर्य (20) बुधवार की रात अपने घर के दरवाजे पर सो रहा था। मंटू के पिता का नाम भागीरथी कुशवाहा है। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग रात में घर में घुस आए और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के समय घर के अन्य सदस्य सो रहे थे। अचानक शोर सुनकर परिजन जागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में दहशत का माहौल बन गया। मां को कमरे में बंद कर आरोपियों ने की पिटाई मृतक की मां प्रमिला देवी ने बताया कि जब उन्हें बेटे की चीख-पुकार सुनाई दी तो वह उसे बचाने के लिए दौड़ीं। लेकिन आरोपियों ने उन्हें पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर मंटू की बेरहमी से पिटाई करते रहे। कुछ देर बाद जब वह बाहर निकलीं तो देखा कि मंटू की हालत गंभीर हो चुकी थी और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर उस समय उन्हें रोका नहीं गया होता तो शायद वे अपने बेटे की जान बचा सकती थीं। बकरी चोरी के विवाद में हत्या का आरोप मृतक के पिता भागीरथी कुशवाहा ने गांव के ही संजय खरवार, सुरेंद्र खरवार, राजू खरवार समेत चार-पांच अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मंटू उनके तीन बेटों में सबसे छोटा था, लेकिन वही घर का मुख्य सहारा था। वह ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों के अनुसार इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश है। करीब छह महीने पहले गांव में बकरी चोरी को लेकर विवाद हुआ था। उस समय इस मामले में थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया था। परिवार का आरोप है कि उसी रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया। होली के दिन खुशियों के बीच छाया मातम घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। होली के त्योहार के बीच हुई इस घटना से लोगों में आक्रोश और डर का माहौल है। कुशवाहा समाज के नेता अभिमन्यु कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर होली के दिन पूरे गांव में खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं इस परिवार में मातम छा गया है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। पुलिस कर रही मामले की जांच वहीं इस मामले में राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अभी तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।  

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