खगड़िया जिले के परबत्ता, गोगरी, बेलदौर, चौथम और अलौली प्रखंडों में इस वर्ष होली का पर्व पारंपरिक देसी अंदाज़ में मनाया गया। बुधवार को ग्रामीणों ने आधुनिक रंगों के बजाय कुर्ता फाड़ होली खेली और कीचड़ में लोट-पोट होकर इस महापर्व को यादगार बनाया। होली की सुबह से ही युवाओं की टोलियां ढोल-नगाड़े, झाल और मंजीरे के साथ गांव की गलियों में निकल पड़ीं। “होली है…” और “फगुआ में रंग बरसे…” जैसे नारों तथा लोकगीतों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोगों ने एक-दूसरे को रंग, अबीर, गुलाल और कीचड़ लगाकर होली की बधाइयां दीं। इस दौरान कई जगहों पर कुर्ता फाड़कर दोस्ती और अपनापन जताया गया, वहीं कीचड़ में लोटकर जमकर मस्ती की गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस प्रकार की होली गांवों की पुरानी पहचान है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव या दिखावा नहीं होता। होली खेलने से जुड़ी तस्वीरें… संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई
सभी लोग समान रूप से उत्सव में शामिल होकर आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने इस पारंपरिक होली का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर खगड़िया के सांसद राजेश कुमार वर्मा ने लोकसभा क्षेत्रवासियों सहित समस्त देशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में सांसद ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व है। यह त्योहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि होली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाए। सांसद ने लोगों से शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ होली मनाने की अपील भी की। त्योहार के दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई और लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई, ताकि होली का पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। कुल मिलाकर, खगड़िया जिले में इस वर्ष की होली देसी परंपरा, मस्ती और भाईचारे का अनूठा उदाहरण बनी। कुर्ता फाड़ और कीचड़ में खेली गई यह होली लोगों के दिलों में लंबे समय तक यादगार रहेगी। खगड़िया जिले के परबत्ता, गोगरी, बेलदौर, चौथम और अलौली प्रखंडों में इस वर्ष होली का पर्व पारंपरिक देसी अंदाज़ में मनाया गया। बुधवार को ग्रामीणों ने आधुनिक रंगों के बजाय कुर्ता फाड़ होली खेली और कीचड़ में लोट-पोट होकर इस महापर्व को यादगार बनाया। होली की सुबह से ही युवाओं की टोलियां ढोल-नगाड़े, झाल और मंजीरे के साथ गांव की गलियों में निकल पड़ीं। “होली है…” और “फगुआ में रंग बरसे…” जैसे नारों तथा लोकगीतों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोगों ने एक-दूसरे को रंग, अबीर, गुलाल और कीचड़ लगाकर होली की बधाइयां दीं। इस दौरान कई जगहों पर कुर्ता फाड़कर दोस्ती और अपनापन जताया गया, वहीं कीचड़ में लोटकर जमकर मस्ती की गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस प्रकार की होली गांवों की पुरानी पहचान है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव या दिखावा नहीं होता। होली खेलने से जुड़ी तस्वीरें… संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई
सभी लोग समान रूप से उत्सव में शामिल होकर आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने इस पारंपरिक होली का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर खगड़िया के सांसद राजेश कुमार वर्मा ने लोकसभा क्षेत्रवासियों सहित समस्त देशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में सांसद ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व है। यह त्योहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि होली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाए। सांसद ने लोगों से शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ होली मनाने की अपील भी की। त्योहार के दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई और लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई, ताकि होली का पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। कुल मिलाकर, खगड़िया जिले में इस वर्ष की होली देसी परंपरा, मस्ती और भाईचारे का अनूठा उदाहरण बनी। कुर्ता फाड़ और कीचड़ में खेली गई यह होली लोगों के दिलों में लंबे समय तक यादगार रहेगी।


