सड़कों पर बेखौफ होकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन ड्राइवर के खिलाफ जिला परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बार-बार चेतावनी और जुर्माने के बावजूद सुधार न करने वाले 182 ड्राइवर के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को छह महीने के लिए रद्द कर दिया गया है। विभाग की इस सख्ती से उन गाड़ी चालकों में हड़कंप मच गया है, जो ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन किया जिला परिवहन विभाग ने ऐसे 588 गाड़ी मालिकों को चिह्नित किया है, जिन्होंने पिछले दो साल के दौरान पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया है। इन सभी को विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि पटना मुख्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। नियमों के अनुसार, बार-बार उल्लंघन करने की स्थिति में केवल जुर्माना भरना काफी नहीं है, बल्कि चालक की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस भेजे गए गाड़ी मालिकों से जवाब मांगा गया है कि जिस समय नियम तोड़ा गया, उस वक्त वाहन कौन चला रहा था। यदि संबंधित वाहन मालिक उस चालक का नाम और डीएल नंबर उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो स्वयं वाहन मालिक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अब तक 182 लोगों की ओर से अपना पक्ष रखने के बाद उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में सुनवाई जारी है। अवहेलना करने पर अलग से होगी कार्रवाई परिवहन अधिकारी के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद भी यदि कोई गाड़ी मालिक अपना पक्ष नहीं रखता है या विभाग के आदेश की अवहेलना करता है, तो उस पर अलग से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें अब सड़कों पर सघन वाहन जांच अभियान चला रही हैं, ताकि आदतन नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा सके। सड़कों पर बेखौफ होकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन ड्राइवर के खिलाफ जिला परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बार-बार चेतावनी और जुर्माने के बावजूद सुधार न करने वाले 182 ड्राइवर के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को छह महीने के लिए रद्द कर दिया गया है। विभाग की इस सख्ती से उन गाड़ी चालकों में हड़कंप मच गया है, जो ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन किया जिला परिवहन विभाग ने ऐसे 588 गाड़ी मालिकों को चिह्नित किया है, जिन्होंने पिछले दो साल के दौरान पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया है। इन सभी को विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि पटना मुख्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। नियमों के अनुसार, बार-बार उल्लंघन करने की स्थिति में केवल जुर्माना भरना काफी नहीं है, बल्कि चालक की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस भेजे गए गाड़ी मालिकों से जवाब मांगा गया है कि जिस समय नियम तोड़ा गया, उस वक्त वाहन कौन चला रहा था। यदि संबंधित वाहन मालिक उस चालक का नाम और डीएल नंबर उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो स्वयं वाहन मालिक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अब तक 182 लोगों की ओर से अपना पक्ष रखने के बाद उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में सुनवाई जारी है। अवहेलना करने पर अलग से होगी कार्रवाई परिवहन अधिकारी के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद भी यदि कोई गाड़ी मालिक अपना पक्ष नहीं रखता है या विभाग के आदेश की अवहेलना करता है, तो उस पर अलग से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें अब सड़कों पर सघन वाहन जांच अभियान चला रही हैं, ताकि आदतन नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा सके।


