Diwan Syed Zainul Abedin: अजमेर: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उपजे वैश्विक तनाव पर अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वह अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उपयोग करते हुए पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए कूटनीतिक पहल करे।
दीवान ने कहा कि भारत सदियों से सूफी परंपरा और ‘अमन के पैगाम’ का केंद्र रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट को केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक संवाद से ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक शक्तियों से आग्रह किया कि वे टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आएं।
अमेरिका और इजरायल पर तीखा प्रहार
मौजूदा स्थिति को ‘शक्ति के वर्चस्व की जंग’ बताते हुए दीवान ने अमेरिका और इजरायल की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने रणनीतिक हितों के लिए दूसरे देशों के संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। दीवान ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र (UN) के चार्टर की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या मौजूदा सैन्य कार्रवाइयां इन नियमों के दायरे में हैं?
शिया समुदाय में आक्रोश और शांति की अपील
खामेनेई की मौत के बाद लखनऊ से लेकर कश्मीर और अजमेर तक शिया समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। विरोध प्रदर्शनों और नारेबाजी के बीच दीवान ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं, बल्कि विश्वभर के शिया मुसलमानों के रहनुमा माने जाते थे। हालांकि, उन्होंने भावुक माहौल के बीच लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की पुरजोर अपील की है ताकि सामाजिक सौहार्द न बिगड़े।


