कानपुर के घाटमपुर में कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए यह होली खास बन गई। कानपुर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ग्राम दुरौली निवासी दिव्या और संध्या के घर पर होली के उपहार भिजवाए और उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की ओर से भेजे गए उपहार जब प्रशासनिक टीम लेकर बच्चों के घर पहुंची तो उनके चेहरे खिल उठे। उपहार में होली से जुड़ी सामग्री, मिठाइयां और उपयोगी वस्तुएं शामिल थीं। बच्चों ने भावुक होकर कहा— “हैप्पी होली अंकल”, जिससे वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे। एसडीएम ने पहुंचकर दिया स्नेह का संदेश जिलाधिकारी के निर्देश पर अबिचल प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी घाटमपुर, स्वयं ग्राम दुरौली पहुंचे और बच्चों को उपहार सौंपे। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। एसडीएम ने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने का अवसर होते हैं और ऐसे बच्चों के जीवन में मुस्कान लाना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन बना अभिभावक कोरोना महामारी के दौरान अनगिनत परिवार बिखर गए थे। दिव्या और संध्या भी उन्हीं बच्चों में शामिल हैं जिन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। ऐसे में जिलाधिकारी का यह कदम न केवल मानवीय संवेदना का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शासन-प्रशासन केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में सहारा बनकर खड़ा है। डीएम बोले – यह लोक सेवक के लिए प्रेरणा जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का यह संवेदनशील कार्य अन्य लोकसेवकों के लिए भी प्रेरणा है। वे न केवल जनपद के मुखिया के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बल्कि ऐसे प्रभावित बच्चों के लिए अभिभावक की भूमिका भी निभा रहे हैं।


