मोतिहारी में होली पर्व के एक दिन पहले 6 बच्चों की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 6 से 12 साल के बीच बताई जा रही है। बच्चे हर दिन की तरह घास काटने और बकरी चराने गए थे। इसके बाद सभी नदी में नहाने के लिए गए। घटना राखवा पंचायत के राखवा नदी की है। घटना मंगलवार की शाम 6 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल, घटनास्थल पर पुलिस की टीम मौजूद है। सभी बच्चों की पहचान हो गई है। इसमें 3 सगी बहने हैं। जिनका नाम दीक्षा कुमारी(12), सोनाक्षी कुमारी(9) और प्रिया कुमारी(6) है। तीनों धर्मेंद्र सहनी की बेटियां थीं। इसके अलावा 12 साल की सोनाली(पिता कामेश्वर साहनी), 11 साल का प्रिंस(पिता मनोज साहनी), 8 साल की छोटी(पिता मनोज साहनी) भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। प्रिंस और छोटी भी सगे भाई बहन हैं। बकरी चराने गए थे, रास्ते में नदी में स्नान करने लगे स्थानीय लोगों ने बताया, सभी बच्चे शाम 4 बजे घर से निकले थे। उनका हर दिन का रूटीन था घास काटना, बकरियां चराना, और फिर नदी के किनारे खेलना। इसी तरह मंगलवार को भी ये बच्चे नदी किनारे पहुंचे और नहाने लगे। तभी अचानक एक बच्चा प्रिंस गहरे पानी में उतर गया। तेज बहाव में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी पांचों लड़कियां भी पानी में कूद गईं। लेकिन नदी के गहरे गड्ढे और तेज धारा के कारण वे खुद ही उसमें समा गए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया, बच्चे खेलते-खेलते अचानक तेज गहराई में चले गए थे। कुछ ही सेकंड में पानी में गायब हो गए। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही हादसा हो चुका था। मदद के लिए पहुंचे लोगों ने की देर नदी किनारे मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। नदी की तेज धारा ने एक-एक कर सभी बच्चों को बहा दिया था। मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया, हमलोग जितना जल्दी दौड़ सकते थे दौड़े…पर नदी किसी को बचा नहीं पाए। पलभर में सब खत्म हो गया। होली के दिन उठेगी अर्थी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की लगातार कोशिशों के बाद सभी छह बच्चों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव किनारे लाए गए, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव की महिलाएं दहाड़ें मारकर रोने लगीं। होली के त्योहार के बीच एक ही घर से 3-3 बेटियों की अर्थी एक जवान पिता उठाएंगे। शव देखकर पिता पूरी तरह से टूट चुके हैं। सभी शव बरामद, आगे की कार्रवाई जारी केसरिया थानाध्यक्ष ने बताया, सभी शवों को नदी से निकाल लिया गया है। पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने साथ ही लोगों से अपील की है कि बच्चे नदी या तालाब के पास अकेले न जाएं। गर्मी बढ़ने के साथ इस तरह की घटनाएं हर साल सामने आती हैं। समय रहते सावधानी बरती जाए तो कई जीवन बचाए जा सकते हैं। मोतिहारी में होली पर्व के एक दिन पहले 6 बच्चों की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 6 से 12 साल के बीच बताई जा रही है। बच्चे हर दिन की तरह घास काटने और बकरी चराने गए थे। इसके बाद सभी नदी में नहाने के लिए गए। घटना राखवा पंचायत के राखवा नदी की है। घटना मंगलवार की शाम 6 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल, घटनास्थल पर पुलिस की टीम मौजूद है। सभी बच्चों की पहचान हो गई है। इसमें 3 सगी बहने हैं। जिनका नाम दीक्षा कुमारी(12), सोनाक्षी कुमारी(9) और प्रिया कुमारी(6) है। तीनों धर्मेंद्र सहनी की बेटियां थीं। इसके अलावा 12 साल की सोनाली(पिता कामेश्वर साहनी), 11 साल का प्रिंस(पिता मनोज साहनी), 8 साल की छोटी(पिता मनोज साहनी) भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। प्रिंस और छोटी भी सगे भाई बहन हैं। बकरी चराने गए थे, रास्ते में नदी में स्नान करने लगे स्थानीय लोगों ने बताया, सभी बच्चे शाम 4 बजे घर से निकले थे। उनका हर दिन का रूटीन था घास काटना, बकरियां चराना, और फिर नदी के किनारे खेलना। इसी तरह मंगलवार को भी ये बच्चे नदी किनारे पहुंचे और नहाने लगे। तभी अचानक एक बच्चा प्रिंस गहरे पानी में उतर गया। तेज बहाव में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी पांचों लड़कियां भी पानी में कूद गईं। लेकिन नदी के गहरे गड्ढे और तेज धारा के कारण वे खुद ही उसमें समा गए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया, बच्चे खेलते-खेलते अचानक तेज गहराई में चले गए थे। कुछ ही सेकंड में पानी में गायब हो गए। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही हादसा हो चुका था। मदद के लिए पहुंचे लोगों ने की देर नदी किनारे मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। नदी की तेज धारा ने एक-एक कर सभी बच्चों को बहा दिया था। मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया, हमलोग जितना जल्दी दौड़ सकते थे दौड़े…पर नदी किसी को बचा नहीं पाए। पलभर में सब खत्म हो गया। होली के दिन उठेगी अर्थी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की लगातार कोशिशों के बाद सभी छह बच्चों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव किनारे लाए गए, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव की महिलाएं दहाड़ें मारकर रोने लगीं। होली के त्योहार के बीच एक ही घर से 3-3 बेटियों की अर्थी एक जवान पिता उठाएंगे। शव देखकर पिता पूरी तरह से टूट चुके हैं। सभी शव बरामद, आगे की कार्रवाई जारी केसरिया थानाध्यक्ष ने बताया, सभी शवों को नदी से निकाल लिया गया है। पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने साथ ही लोगों से अपील की है कि बच्चे नदी या तालाब के पास अकेले न जाएं। गर्मी बढ़ने के साथ इस तरह की घटनाएं हर साल सामने आती हैं। समय रहते सावधानी बरती जाए तो कई जीवन बचाए जा सकते हैं।


