अमरोहा जनपद के धनौरा थाना क्षेत्र के देहरा चक गांव में मंगलवार को मध्य गंगा नहर किनारे एक मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव की पहचान 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र सेवाराम के रूप में हुई है, जो पिछले चार दिनों से लापता था। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि मौके से जहरीले पदार्थ की शीशी मिलने से मामला उलझ गया है। जितेंद्र 28 फरवरी से लापता था परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र की शादी करीब दस वर्ष पूर्व कलाली गांव निवासी शीतल से हुई थी। उनका सात वर्षीय पुत्र हर्ष है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और शीतल पिछले तीन वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। मृतक के पिता सेवाराम ने आरोप लगाया है कि 28 फरवरी को जितेंद्र को गजरौला के नाईपुरा स्थित अपनी मौसेरी सास के घर बुलाया गया था। इसके बाद से वह लापता हो गया। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव के नरेंद्र सिंह जब खेत पर सिंचाई करने पहुंचे, तो उन्होंने नहर किनारे शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की गई। पुलिस के अनुसार, शव दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पुलिस को शव के पास से सल्फास (जहरीला पदार्थ) की एक खाली शीशी बरामद हुई है, जिससे आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, परिजन इसे एक साजिश करार दे रहे हैं। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने जितेंद्र की हत्या कर शव को नहर किनारे फेंका है। थाना प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि शव के पास से जहरीले पदार्थ की खाली शीशी मिली है। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।


