होलिका की प्रतिमा को मंत्रोच्चार के बीच किया दहन:जहानाबाद के शहर-ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक कार्यक्रम आयोजित, लोगों ने एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं

होलिका की प्रतिमा को मंत्रोच्चार के बीच किया दहन:जहानाबाद के शहर-ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक कार्यक्रम आयोजित, लोगों ने एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं

जहानाबाद जिले में इस वर्ष होलिका दहन का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान भक्ति गीत और ढोल-नगाड़े गूंजते रहे। शाम ढलते ही लोग निर्धारित स्थानों पर एकत्रित होने लगे। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर स्थानीय समितियों द्वारा आकर्षक सजावट की गई थी। मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन की विधि संपन्न पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन की विधि संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर अपनी आस्था प्रकट की और एक-दूसरे को बधाई दी। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए लोगों ने इस अवसर पर अपने मन के विकारों को त्यागने का संकल्प भी लिया। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस बल की तैनाती के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अग्निशमन दल भी सतर्क रहा। देर रात तक लोग होलिका की अग्नि के चारों ओर जुटे रहे। लोगों ने एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं इस दौरान कहीं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ तो कहीं लोकगीतों और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुति दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्सव की खास रौनक देखने को मिली। जहानाबाद में होलिका दहन का पर्व भाईचारे, सौहार्द और आस्था के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए आगामी होली पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी शुरू कर दी। जहानाबाद जिले में इस वर्ष होलिका दहन का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान भक्ति गीत और ढोल-नगाड़े गूंजते रहे। शाम ढलते ही लोग निर्धारित स्थानों पर एकत्रित होने लगे। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर स्थानीय समितियों द्वारा आकर्षक सजावट की गई थी। मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन की विधि संपन्न पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन की विधि संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर अपनी आस्था प्रकट की और एक-दूसरे को बधाई दी। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए लोगों ने इस अवसर पर अपने मन के विकारों को त्यागने का संकल्प भी लिया। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस बल की तैनाती के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अग्निशमन दल भी सतर्क रहा। देर रात तक लोग होलिका की अग्नि के चारों ओर जुटे रहे। लोगों ने एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं इस दौरान कहीं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ तो कहीं लोकगीतों और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुति दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्सव की खास रौनक देखने को मिली। जहानाबाद में होलिका दहन का पर्व भाईचारे, सौहार्द और आस्था के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए आगामी होली पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी शुरू कर दी।  

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