होली में सरकारी अस्पतालो में अलर्ट:डॉक्टरो ने कहा- रंग खेलने से पहले कई बातों का रखें ख्याल , एंबुलेंस टीम रहेगी तैनात

होली में सरकारी अस्पतालो में अलर्ट:डॉक्टरो ने कहा- रंग खेलने से पहले कई बातों का रखें ख्याल , एंबुलेंस टीम रहेगी तैनात

होली को लेकर शहर के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात इमरजेंसी डॉक्टरों को अलर्ट किया है। मरीजों के अस्पताल आने पर तत्काल उन्हें इलाज की सुविधा मिले। एंबुलेंस की सेवा देने वाले ड्राइवर व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियनों को भी तैयारी रखने कहा है। इधर मायागंज अस्पताल के चर्म रोग विभाग के हेड डॉ. राजीव रंजन ने लोगों से अपील की है कि केमिकल मिले रंगों से बचें। इससे आपकी सेहत खराब हो सकती है। इन रंगों व मिट्टी एवं धूल से आपकी त्वचा, आंखों व बालों को नुकसान हो सकता है। खराब रंगों से त्वचा पर खुजली, जलन और एलर्जी होती है। बाद में संक्रमण का कारण भी कई बार बन जाता है। सांस के गंभीर मरीजों को पूरी तरह परहेज करना चाहिए। ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थ खाने से बचें मायागंज अस्पताल में तैनात गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राजीव सिन्हा ने कहा कि ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों को खाने से अचानक पेट में दर्द भी हो सकता है। अगर पेट दर्द हो जाए तो तत्काल गर्म पानी पिएं और डॉक्टर से पूछकर ही दवा लें। होली के मौके पर पानी की मात्रा पहले से ज्यादा बढ़ा लें और फल को इसमें शामिल करें। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनित परशुरामपुरिया ने बताया कि रंग खेलने के दौरान संभव हो तो चश्मा पहन लें, ताकि आपकी आंखें सुरक्षित हों। आंख में किसी तरह का केमिकल जाए तो ठंडा और साफ पानी का छींटा मारें। होली खेलने से पहले तैयारी करें डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि रंग खेलने से पहले साबुन से शरीर की त्वचा को साफ कर लें। इसके सूखने के बाद मॉइश्चराइजर या तैलीय चीज लगा लें। धूप में निकलने के दौरान हाथ व शरीर के खुले हिस्से में सनस्क्रीन लगा लें। रंग से बचाव के लिए फुल बांह के कपड़े जरूर पहन लें। बालों को भी शैंपू से पहले धो लें, कोशिश करें कि उसे कवर करके ही रंग खेलें। होली खेलने के बाद साबुन या सैलिसिलिक बॉडीवॉश से शरीर में लगे रंगों को साफ करें। इसके बाद दोबारा मॉइश्चराइजर लगाएं। ध्यान रहे कि कान में पानी न जाए ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि अगर कान के अंदर पानी या रंग का घोल चला जाए तो उसे गर्म कपड़े से सेकें। लेकिन इससे पहले किसी चिकित्सक से जरूर बात कर लें। मायागंज अस्पताल में स्त्री रोग विभाग में तैनात एसोसिएट प्रो. डॉ. अर्चना झा ने गर्भवतियों के लिए सलाह है कि त्योहार में भूखे न रहें। होली को लेकर शहर के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात इमरजेंसी डॉक्टरों को अलर्ट किया है। मरीजों के अस्पताल आने पर तत्काल उन्हें इलाज की सुविधा मिले। एंबुलेंस की सेवा देने वाले ड्राइवर व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियनों को भी तैयारी रखने कहा है। इधर मायागंज अस्पताल के चर्म रोग विभाग के हेड डॉ. राजीव रंजन ने लोगों से अपील की है कि केमिकल मिले रंगों से बचें। इससे आपकी सेहत खराब हो सकती है। इन रंगों व मिट्टी एवं धूल से आपकी त्वचा, आंखों व बालों को नुकसान हो सकता है। खराब रंगों से त्वचा पर खुजली, जलन और एलर्जी होती है। बाद में संक्रमण का कारण भी कई बार बन जाता है। सांस के गंभीर मरीजों को पूरी तरह परहेज करना चाहिए। ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थ खाने से बचें मायागंज अस्पताल में तैनात गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राजीव सिन्हा ने कहा कि ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों को खाने से अचानक पेट में दर्द भी हो सकता है। अगर पेट दर्द हो जाए तो तत्काल गर्म पानी पिएं और डॉक्टर से पूछकर ही दवा लें। होली के मौके पर पानी की मात्रा पहले से ज्यादा बढ़ा लें और फल को इसमें शामिल करें। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनित परशुरामपुरिया ने बताया कि रंग खेलने के दौरान संभव हो तो चश्मा पहन लें, ताकि आपकी आंखें सुरक्षित हों। आंख में किसी तरह का केमिकल जाए तो ठंडा और साफ पानी का छींटा मारें। होली खेलने से पहले तैयारी करें डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि रंग खेलने से पहले साबुन से शरीर की त्वचा को साफ कर लें। इसके सूखने के बाद मॉइश्चराइजर या तैलीय चीज लगा लें। धूप में निकलने के दौरान हाथ व शरीर के खुले हिस्से में सनस्क्रीन लगा लें। रंग से बचाव के लिए फुल बांह के कपड़े जरूर पहन लें। बालों को भी शैंपू से पहले धो लें, कोशिश करें कि उसे कवर करके ही रंग खेलें। होली खेलने के बाद साबुन या सैलिसिलिक बॉडीवॉश से शरीर में लगे रंगों को साफ करें। इसके बाद दोबारा मॉइश्चराइजर लगाएं। ध्यान रहे कि कान में पानी न जाए ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि अगर कान के अंदर पानी या रंग का घोल चला जाए तो उसे गर्म कपड़े से सेकें। लेकिन इससे पहले किसी चिकित्सक से जरूर बात कर लें। मायागंज अस्पताल में स्त्री रोग विभाग में तैनात एसोसिएट प्रो. डॉ. अर्चना झा ने गर्भवतियों के लिए सलाह है कि त्योहार में भूखे न रहें।  

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