गोंडा में नगर पालिका परिषद में भविष्य निधि (पीएफ) से कथित अवैध निकासी का एक और मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त कर्मी आयशा बेगम की याचिका पर न्यायालय के आदेश के बाद नगर कोतवाली में पूर्व अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह, तत्कालीन लिपिक मुशफिक उर्फ संजू तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन कैशियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला 1.50 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़ा है। 2017 में तीन किश्तों में निकासी का आरोप मोहल्ला बड़ा इमामबाड़ा निवासी आयशा बेगम ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में उनके पीएफ खाते से 2, 15 और 16 मार्च को अलग-अलग किश्तों में कुल 1,50,000 रुपये निकाल लिए गए। आयशा बेगम का कहना है कि वह इन तिथियों में बैंक नहीं गई थीं और निकासी प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर कर धनराशि आहरित किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई आयशा बेगम को हाल ही में खाते का विवरण देखने पर निकासी की जानकारी हुई। संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सुनवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। धारा 156(3) के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस ने आयशा बेगम से संबंधित साक्ष्य भी मांगे हैं, ताकि जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जा सके। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


