पीलीभीत। बिलसंडा कोतवाली क्षेत्र के गांव भैनपुरा में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना देने और खाने में जहर मिलाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पति समेत छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बीसलपुर क्षेत्र के गांव मुड़े गुलैपा निवासी जयराखन ने बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पहले अपनी बेटी माधुरी का विवाह बिलसंडा के भैनपुरा निवासी हिमांशु के साथ किया था। पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं। आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा।
आए दिन मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
मायके पक्ष का आरोप है कि पति हिमांशु, ससुर राजेंद्र, देवर अभिषेक, सास रूपवती और ननद अनुराधा व कंचन आए दिन माधुरी के साथ मारपीट करते थे। गाली-गलौज और मानसिक दबाव बनाकर उसे अतिरिक्त दहेज लाने के लिए मजबूर किया जाता था। परिवार का कहना है कि बेटी अक्सर फोन पर अपनी पीड़ा बताती थी, लेकिन समाज और रिश्तों की मर्यादा के चलते उसे समझाकर वापस ससुराल भेज दिया जाता था। परिजनों का आरोप है कि रविवार शाम सभी आरोपियों ने एक राय होकर साजिश रची और माधुरी के खाने में जहर मिला दिया। खाना खाने के बाद उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर मायके पक्ष तत्काल गांव भैनपुरा पहुंचा और आनन-फानन में माधुरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव भैनपुरा और मुड़े गुलैपा दोनों स्थानों पर शोक की लहर है। एक साल पहले जिस घर से बेटी की विदाई खुशी-खुशी हुई थी, वहीं आज मातम पसरा है। परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।


