“आपका काम हो जाएगा, मेरी ऊपर तक पहुंच है। फिलहाल मेरी ड्यूटी कोर्ट में है। मेरे पति भी सेना में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” ऐसा कहकर कई लोगों से ठगी करने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला खुद को दरोगा बताती थी। लोगों को शक न हो, इसलिए वह घर से पुलिस की वर्दी पहनकर ही निकलती थी। मामला बेगूसराय के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के संत नगर बड़ी एघु का है। पुलिस ने आरोपी फर्जी लेडी दरोगा के पास से वर्दी और दो नेमप्लेट बरामद किए हैं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि उसने करीब छह लोगों से 50 हजार रुपये तक की ठगी की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए फर्जी दरोगा की पूरी कहानी गिरफ्तार की गई 28 वर्षीय फर्जी लेडी दरोगा अपना नाम निशु सिंह बताती थी। इसी नाम की दो नेम प्लेट पुलिस ने उसके किराए के कमरे से बरामद की हैं। पूछताछ में उसने अपना असली नाम कजोमा कुमारी बताया है। वह मटिहानी प्रखंड के खोरमपुर गांव की रहने वाली है। उसने स्वीकार किया कि वह पुलिस विभाग में पोस्टेड नहीं है और लोगों से ठगी करने के लिए खुद को दरोगा बताती थी। कजोमा कुमारी ने बताया कि वह पैरवी के नाम पर लोगों से पैसे ठगती थी। फर्जी वर्दी और नेम प्लेट लगाकर लोगों पर रौब जमाती थी और इसी तरह उनसे रकम ऐंठ लेती थी। अलग-अलग किराए के मकान में रहती थी कजोमा कुमारी पूछताछ में सामने आया है कि कजोमा अलग-अलग जगहों पर किराए के मकान में रहती थी। आसपास के लोग बताते हैं कि जब वह रहने आई तो बताया था कि उसकी पोस्टिंग पास के ही जिले में है और अभी कोर्ट में ड्यूटी है। वो अक्सर वर्दी पहनकर ही बाहर निकलती थी। कभी शक नहीं हुआ, क्योंकि उसकी बॉडी लैंग्वेज और बात करने का तरीका बिल्कुल पुलिस वालों जैसा था। सोमवार को लोग पैसे मांगने पहुंते तो मामले का खुलासा हुआ मकान मालिक संत नगर बड़ी एघु के रहने वाले कैलाश साह ने बताया, ‘तीन-चार महीना पहले ये मेरे मकान में आई और कहा कि मेरे पति आर्मी में हैं। हम डिस्टिक कोर्ट में पोस्टेड हैं। वो जब से आई है, तब से मकान का किराया भी नहीं दिया है। मेरे मकान में रहकर लोगों से पैसा ठग लिया करती थी।’ कैलाश शाह ने बताया, ‘सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पैसा मांगने लगे। लोगों ने इस पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। पैसा मांग रहे लोग, पुलिस का ID दिखाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद खुलासा हुआ कि यह पुलिस में नौकरी नहीं करती है, बल्कि फर्जी है। पुलिस की वर्दी में रहती थी, इसके रूम से वर्दी भी बरामद किया गया है। इसके बाद पुलिस को सूचना दिया और हम लोगों ने मामला दर्ज कराया।’ ठगी के शिकार BSF के रिटायर्ड कर्मी ने सुनाई आपबीती ठगी के शिकार हुए BSF के रिटायर कर्मी नंदकिशोर चौधरी ने बताया, ‘यह महिला कैलाश साह के मकान में रहती थी। घूमने के दौरान यह बराबर नजर आती थी। कुछ दिन पहले उसने बहुत जरूरत होने की बात कह कर उसने 10 हजार रुपया मांगा। हमने 5 हजार दे दिया, फिर कुछ दिन के बाद उसने हमसे 5 हजार और मांगा कहा कि बहुत जरूरत है तो हम दे दिए। उसके बाद फिर उसने 500 रुपया हमसे लिया। लगा कि हो सकता है कुछ मजबूरी में है, पेमेंट मिलेगा तो दे देगी। फिर एक दिन रात में इसमें फोन करके रोने लगी और कहा कि मेरा भाई एक्सीडेंट कर गया है। अस्पताल में है, मदद कीजिए, लेकिन हमने पैसा नहीं दिया।” मेरे पति घर आए थे, गोल्ड की ज्वेलरी लेकर भाग गए नंदकिशोर चौधरी ने बताया, ‘1 दिन पहले महिला दरोगा ने बताया कि रात में मेरा पति आया और सोना लेकर भाग गया है। हम बाढ़ जा रहे और अपने पति पर केस करेंगे, वहां से फिर एक लड़का को लेकर आई। आज उसके डेरा पर हल्ला होने पर हम लोग गए तो जो लड़का को लाई थी उसको भगा दिया। सब लोग पैसा मांग रहे थे, 10 दिन का समय मांगा।’ ‘इससे बहुत लोगों से ठगी किया था, इसलिए सभी लोग आक्रोशित थे और परेशान होकर हम लोगों ने मुफस्सिल थाना को फोन किया। पुलिस पहुंची और इसे गिरफ्तार किया है, वर्दी एवं नेम प्लेट भी मिला है। इसके पिता से पूछताछ किया, उसने भी कहा कि यह पुलिस में नहीं है और फर्जीवाड़ा करती है।’ DSP बोले- फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है, पूछताछ जारी है DSP आनंद कुमार पांडेय ने बताया, ‘मुफस्सिल थाना क्षेत्र के संत नगर एघु में एक तथाकथित महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी में निशु कुमारी SI का नेम प्लेट लगाती थी। आज पुलिस को सूचना मिली कि वह वर्दी का गलत उपयोग करके कई लोगों से पैसा ठगी किया है और वर्दी का धौंस दिखाती है। सूचना मिलते ही जांच करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। “आपका काम हो जाएगा, मेरी ऊपर तक पहुंच है। फिलहाल मेरी ड्यूटी कोर्ट में है। मेरे पति भी सेना में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” ऐसा कहकर कई लोगों से ठगी करने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला खुद को दरोगा बताती थी। लोगों को शक न हो, इसलिए वह घर से पुलिस की वर्दी पहनकर ही निकलती थी। मामला बेगूसराय के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के संत नगर बड़ी एघु का है। पुलिस ने आरोपी फर्जी लेडी दरोगा के पास से वर्दी और दो नेमप्लेट बरामद किए हैं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि उसने करीब छह लोगों से 50 हजार रुपये तक की ठगी की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए फर्जी दरोगा की पूरी कहानी गिरफ्तार की गई 28 वर्षीय फर्जी लेडी दरोगा अपना नाम निशु सिंह बताती थी। इसी नाम की दो नेम प्लेट पुलिस ने उसके किराए के कमरे से बरामद की हैं। पूछताछ में उसने अपना असली नाम कजोमा कुमारी बताया है। वह मटिहानी प्रखंड के खोरमपुर गांव की रहने वाली है। उसने स्वीकार किया कि वह पुलिस विभाग में पोस्टेड नहीं है और लोगों से ठगी करने के लिए खुद को दरोगा बताती थी। कजोमा कुमारी ने बताया कि वह पैरवी के नाम पर लोगों से पैसे ठगती थी। फर्जी वर्दी और नेम प्लेट लगाकर लोगों पर रौब जमाती थी और इसी तरह उनसे रकम ऐंठ लेती थी। अलग-अलग किराए के मकान में रहती थी कजोमा कुमारी पूछताछ में सामने आया है कि कजोमा अलग-अलग जगहों पर किराए के मकान में रहती थी। आसपास के लोग बताते हैं कि जब वह रहने आई तो बताया था कि उसकी पोस्टिंग पास के ही जिले में है और अभी कोर्ट में ड्यूटी है। वो अक्सर वर्दी पहनकर ही बाहर निकलती थी। कभी शक नहीं हुआ, क्योंकि उसकी बॉडी लैंग्वेज और बात करने का तरीका बिल्कुल पुलिस वालों जैसा था। सोमवार को लोग पैसे मांगने पहुंते तो मामले का खुलासा हुआ मकान मालिक संत नगर बड़ी एघु के रहने वाले कैलाश साह ने बताया, ‘तीन-चार महीना पहले ये मेरे मकान में आई और कहा कि मेरे पति आर्मी में हैं। हम डिस्टिक कोर्ट में पोस्टेड हैं। वो जब से आई है, तब से मकान का किराया भी नहीं दिया है। मेरे मकान में रहकर लोगों से पैसा ठग लिया करती थी।’ कैलाश शाह ने बताया, ‘सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पैसा मांगने लगे। लोगों ने इस पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। पैसा मांग रहे लोग, पुलिस का ID दिखाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद खुलासा हुआ कि यह पुलिस में नौकरी नहीं करती है, बल्कि फर्जी है। पुलिस की वर्दी में रहती थी, इसके रूम से वर्दी भी बरामद किया गया है। इसके बाद पुलिस को सूचना दिया और हम लोगों ने मामला दर्ज कराया।’ ठगी के शिकार BSF के रिटायर्ड कर्मी ने सुनाई आपबीती ठगी के शिकार हुए BSF के रिटायर कर्मी नंदकिशोर चौधरी ने बताया, ‘यह महिला कैलाश साह के मकान में रहती थी। घूमने के दौरान यह बराबर नजर आती थी। कुछ दिन पहले उसने बहुत जरूरत होने की बात कह कर उसने 10 हजार रुपया मांगा। हमने 5 हजार दे दिया, फिर कुछ दिन के बाद उसने हमसे 5 हजार और मांगा कहा कि बहुत जरूरत है तो हम दे दिए। उसके बाद फिर उसने 500 रुपया हमसे लिया। लगा कि हो सकता है कुछ मजबूरी में है, पेमेंट मिलेगा तो दे देगी। फिर एक दिन रात में इसमें फोन करके रोने लगी और कहा कि मेरा भाई एक्सीडेंट कर गया है। अस्पताल में है, मदद कीजिए, लेकिन हमने पैसा नहीं दिया।” मेरे पति घर आए थे, गोल्ड की ज्वेलरी लेकर भाग गए नंदकिशोर चौधरी ने बताया, ‘1 दिन पहले महिला दरोगा ने बताया कि रात में मेरा पति आया और सोना लेकर भाग गया है। हम बाढ़ जा रहे और अपने पति पर केस करेंगे, वहां से फिर एक लड़का को लेकर आई। आज उसके डेरा पर हल्ला होने पर हम लोग गए तो जो लड़का को लाई थी उसको भगा दिया। सब लोग पैसा मांग रहे थे, 10 दिन का समय मांगा।’ ‘इससे बहुत लोगों से ठगी किया था, इसलिए सभी लोग आक्रोशित थे और परेशान होकर हम लोगों ने मुफस्सिल थाना को फोन किया। पुलिस पहुंची और इसे गिरफ्तार किया है, वर्दी एवं नेम प्लेट भी मिला है। इसके पिता से पूछताछ किया, उसने भी कहा कि यह पुलिस में नहीं है और फर्जीवाड़ा करती है।’ DSP बोले- फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है, पूछताछ जारी है DSP आनंद कुमार पांडेय ने बताया, ‘मुफस्सिल थाना क्षेत्र के संत नगर एघु में एक तथाकथित महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी में निशु कुमारी SI का नेम प्लेट लगाती थी। आज पुलिस को सूचना मिली कि वह वर्दी का गलत उपयोग करके कई लोगों से पैसा ठगी किया है और वर्दी का धौंस दिखाती है। सूचना मिलते ही जांच करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया।


